अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने भारत-ईरान व्यापार समझौते से किया इनकार, ईरान की मदद पर प्रतिबंध की चेतावनी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई ट्रेड डील हुई है। उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान की मुलाकात को लेकर सवाल किया गया था। रूबियो ने चेतावनी दी कि अगर कोई देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करेगा, तो अमेरिका उस देश पर भी प्रतिबंध लगा सकता है।
एससीओ शिखर सम्मेलन में मोदी-पजशकियान मुलाकात
अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान की एससीओ समिट के दौरान हुई मुलाकात के बाद आया है। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंध, व्यापार और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की थी। मोदी ने कहा था कि भारत ईरान के साथ अपने पुराने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और नए क्षेत्रों को इसमें शामिल करने पर भी जोर दिया गया था। मोदी ने कहा था कि भारत ब्रिक्स और एससीओ जैसे मंचों पर ईरान के साथ सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने पजशकियान को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया।
अमेरिका के नए प्रतिबंध और भारतीय कंपनियों पर कार्रवाई
अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था के पांच अहम क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान दूसरे देशों में अपनी आर्थिक गतिविधियों के लिए करता है। इनमें डिजिटल एसेट्स (जैसे क्रिप्टोकरेंसी), टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग सेक्टर शामिल हैं। अमेरिका इन क्षेत्रों के जरिए ईरान की कमाई और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को रोकना चाहता है। यानी अगर कोई देश इन क्षेत्रों में ईरान के साथ ऐसा कारोबार करता है जिससे उसे पैसा या आर्थिक फायदा मिलता है, तो अमेरिका उस देश पर भी प्रतिबंध लगा सकता है या उसे अमेरिकी डॉलर की वित्तीय व्यवस्था से बाहर कर सकता है।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि हमने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' शुरू किया है। यह ईरान और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ एक अभियान है। ईरान के सामने अब सिर्फ दो रास्ते हैं: पहला- पूरी तरह से दुनिया से अलग-थलग पड़ना और गुजारे लायक अर्थव्यवस्था; दूसरा- फिर से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ना और वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से शामिल होने का मौका पाना।
अमेरिका ने ईरान से तेल और पेट्रोकेमिकल कारोबार के आरोप में भारत की चार कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इन कंपनियों ने ईरान से पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पाद खरीदने या भारत लाने में भूमिका निभाई। इनमें पोर्टीज पार्टनर्स, सदाशिवा ओवरसीज, पीपी सॉफ्टटेक और प्रकृति इंफ्रा इम्पेक्स इंडिया शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की तेल से होने वाली कमाई रोकने और उसके कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने के लिए की गई है।
Sharad Shrivastava