मध्य प्रदेश में भारी बारिश का रेड-अलर्ट, डबरा में छत ढहने से मां-बेटे की मौत

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मध्य प्रदेश में भारी बारिश का रेड-अलर्ट, डबरा में छत ढहने से मां-बेटे की मौत

मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट: नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा में रेड, छह जिलों में ऑरेंज; डबरा में हादसा

मानसूनी बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण गुरुवार को मध्य प्रदेश के आधे हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा जिले में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है, जबकि छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। छतरपुर जिले में बारिश, नदी-नालों में उफान और संभावित बाढ़ को देखते हुए कलेक्टर मृणाल मीणा ने आज सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह छुट्टी केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगी, शिक्षक शैक्षणिक और विभागीय कार्य पूरे करेंगे।

इससे पहले बुधवार रात डबरा के जंगीपुरा में बारिश के दौरान दो मंजिला कच्चे मकान की छत ढह गई। परिवार के पांच सदस्य मलबे में दब गए। सीमा (33) और उसके दो वर्षीय बेटे आदित्य उर्फ गुन्नू की मौत हो गई। सीमा के पति जागेंद्र (38) और दो बेटियां वैशाली (5) और रागिनी (8) गंभीर रूप से घायल हो गईं।

मौसम विभाग ने सीहोर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, पांढुर्णा और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं भोपाल, रायसेन, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर और छतरपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 4 सितंबर को सिस्टम आगे बढ़ेगा। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, चंबल संभाग में इसका ज्यादा असर दिखाई देगा। भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में भारी बारिश हो सकती है, जबकि इंदौर में तेज बारिश का अनुमान नहीं है। 5 सितंबर को प्रदेश के उत्तरी हिस्से में तेज बारिश हो सकती है। 6 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में सिस्टम असर दिखाएगा।

बांधों की स्थिति और बारिश के आंकड़े

लगातार बारिश की वजह से प्रदेश के बांधों की स्थिति सुधरी है। अधिकांश बांधों में 70 प्रतिशत तक पानी आ गया है। कुछ डैम के गेट खोल दिए गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के बांधों की स्थिति ठीक नहीं है। भोपाल के बड़ा तालाब में पानी का लेवल 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह सिर्फ 0.30 फीट ही खाली है। बड़ा तालाब फुल भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खुलेंगे। यहां से छोड़ा जाने वाला पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा और इसमें भी पानी का लेवल बढ़ जाएगा।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक 714.2 मिमी यानी 28.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह अब तक की सामान्य बारिश 31.5 इंच (799.9 मिमी) की तुलना में 3.4 इंच कम है। ओवरऑल 11 प्रतिशत कम पानी गिरा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 4% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 17% बारिश कम हुई है। 40 जिलों में 2% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 17% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ में 2% से 51% तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 2% से 53% कम पानी गिरा है।

मौसम विभाग के अनुसार अनूपपुर, मऊगंज, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी इन 16 जिलों में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

प्रमुख शहरों में सितंबर की बारिश का रिकॉर्ड

मौसम विभाग के अनुसार जून में मध्य प्रदेश में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश से आंकड़ा बढ़ा, लेकिन मानसून दो बार ब्रेक हुआ। आखिरी सप्ताह में फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ। इसके बावजूद औसत से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई और अगस्त का कोटा फुल हो गया लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। मध्य प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।

भोपाल में सितंबर महीने की औसत बारिश 7 इंच है लेकिन पिछले 5 साल से कोटे से ज्यादा पानी बरस रहा है। ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1961 में पूरे सितंबर माह में 30 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 24 घंटे में सर्वाधिक 9.2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 2 सितंबर 1947 को बना था। इस महीने भोपाल में औसत 8 से 10 दिन बारिश होती है। इंदौर में सितंबर महीने में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश हो चुकी है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड साल 1954 में बना था। 20 सितंबर 1987 को 24 घंटे में पौने 7 इंच पानी गिर चुका है। ग्वालियर में सितंबर 1990 में 647 मिमी यानी साढ़े 25 इंच बारिश हुई थी। यह सितंबर में मासिक बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड है। 7 सितंबर 1988 को 24 घंटे में साढ़े 12 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में 20 सितंबर 1926 को 24 घंटे के अंदर साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। पूरे महीने में 32 इंच बारिश साल 1926 में हो चुकी है। उज्जैन की सामान्य बारिश 34.81 इंच है, लेकिन वर्ष 1961 में सितंबर की बारिश ने ही पूरे सीजन की बारिश का कोटा फुल कर दिया था। इस महीने 1089 मिमी यानी करीब 43 इंच पानी गिरा था। 24 घंटे में सर्वाधिक साढ़े 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 सितंबर 1961 को बना था।

Navjeet Kaur