पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की 100 करोड़ की बेनामी संपत्ति जब्त होगी, चेतन गौर बेनामीदार घोषित
आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उनके सहयोगी चेतन सिंह गौर से जुड़े करीब 100 करोड़ रुपए के सोने और नकदी को अब जब्त किया जाएगा। आयकर विभाग की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भोपाल स्थित बेनामी निषेध इकाई (बीपीयू) की कार्रवाई को सही ठहराया है। अथॉरिटी ने सौरभ शर्मा को सोने का वास्तविक मालिक घोषित किया है, जबकि चेतन सिंह गौर को बेनामीदार बताया गया है।
सोना और नकदी की बरामदगी
यह मामला 18 और 19 दिसंबर की दरम्यानी रात भोपाल के मेंडोरी में एक इनोवा कार से 51.8 किलोग्राम सोना और 11.6 करोड़ रुपए नकद बरामद होने के बाद सामने आया था। इस घटना के बाद आयकर विभाग ने जांच शुरू की थी। आयकर विभाग की भोपाल स्थित बेनामी निषेध इकाई ने बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम, 1988 के तहत अगस्त 2025 में सोना, नकदी और इनोवा वाहन की अस्थायी कुर्की की थी, जिसकी कुल कीमत उस समय करीब 52 करोड़ रुपए आंकी गई थी। हालांकि, जांच एजेंसियों के अनुसार, बरामद सोना और नकदी का वर्तमान मूल्य लगभग 100 करोड़ रुपए आंका गया है।
बेनामी लेनदेन की पुष्टि और आगे की जांच
आयकर विभाग की बेनामी विंग ने इस लेनदेन को पीबीपीटी अधिनियम की धारा 2(9)(ए) के तहत एक बेनामी लेनदेन माना है। जांच में चेतन सिंह गौर को बेनामीदार और रिटायर्ड आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा को वास्तविक मालिक पाया गया है। एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के फैसले के बाद अब इन संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अतिरिक्त, आयकर विभाग सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी 32 से अधिक अचल संपत्तियों और बैंक खातों में जमा राशि की भी जांच कर रहा है। इन मामलों में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी का अलग फैसला आना अभी बाकी है। इस मामले में लोकायुक्त के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग (आईटी) ने भी जांच की थी। ईडी ने फरवरी 2025 में सौरभ शर्मा और उसके करीबियों को गिरफ्तार भी किया था और करीब ₹92 करोड़ की संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
Janmejay Chaturvedi