शिक्षक का बेटा बना पंजाब किंग्स का IPL में सबसे घातक हथियार, 3.8 करोड़ की कहानी

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शिक्षक का बेटा बना पंजाब किंग्स का IPL में सबसे घातक हथियार, 3.8 करोड़ की कहानी

शिक्षक के बेटे प्रियांश आर्य का IPL स्टार बनने तक का सफर: 3.8 करोड़ का सबक

पवन आर्य दिल्ली के गवर्नमेंट सर्वोदय विद्यालय में गणित पढ़ाते हैं, लेकिन उनके बेटे प्रियांश आर्य ने क्रिकेट के मैदान पर अपनी पहचान बनाई है। प्रियांश, जो कभी अपने पिता की तरह शिक्षक बनने की राह पर थे, ने अपनी गुप्त क्रिकेट प्रतिभा को अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ निखारा। यह कहानी केवल क्रिकेट की नहीं, बल्कि संघर्षों को पार कर सफलता हासिल करने की है।

दिल्ली क्रिकेट प्रणाली की चुनौतियां

दिल्ली क्रिकेट प्रणाली में हजारों युवा खिलाड़ी आते हैं, लेकिन कुछ ही सफल हो पाते हैं। प्रियांश आर्य को भी शुरुआती दौर में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अंडर-16 स्तर पर आयु परीक्षण संबंधी एक नियम के कारण उन्हें अंडर-19 विश्व कप से बाहर कर दिया गया, जबकि वे इसके योग्य थे। उनके कोच संजय भारद्वाज, जिन्होंने गौतम गंभीर और अमित मिश्रा जैसे खिलाड़ियों को तराशा है, ने प्रियांश की प्रतिभा को पहचाना। जब चयनकर्ता ध्यान नहीं दे रहे थे, तो भारद्वाज ने अपनी जेब से ₹45-50 हजार देकर प्रियांश को टूर्नामेंट में खेलने का अवसर दिया, ताकि वह सही लोगों की नजर में आ सकें। गुरशरण सिंह की नजर पड़ी और प्रियांश ने कूच बिहार ट्रॉफी में लगभग 400 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब जीता, जिससे उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया।

नीलामी का अपमान और IPL में पहचान

2024 में प्रियांश दिल्ली की टी20 टीम के प्रमुख रन-स्कोरर थे, जिनका स्ट्राइक रेट लगभग 167 था। हालांकि, उनके दोस्तों ने आईपीएल में उनकी कीमत को लेकर मजाक उड़ाया। लेकिन प्रियांश ने इसका जवाब मैदान पर दिया। 31 अगस्त, 2024 को अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली प्रीमियर लीग के दौरान उन्होंने बाएं हाथ के स्पिनर मनन भारद्वाज के एक ओवर में छह छक्के लगाए। उन्होंने उस पारी में 50 गेंदों पर 120 रन बनाए, जिसमें दस चौके और छह छक्के शामिल थे। यह उपलब्धि उन्हें रवि शास्त्री और युवराज सिंह जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल कर गई।

इस प्रदर्शन ने आखिरकार आईपीएल फ्रेंचाइजी का ध्यान खींचा। 2025 की जेद्दा नीलामी में प्रियांश का बेस प्राइस 30 लाख रुपये था। मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और दिल्ली कैपिटल्स ने उनमें रुचि दिखाई, लेकिन अंततः पंजाब किंग्स ने उन्हें 3.8 करोड़ रुपये में खरीद लिया, जो उनके बेस प्राइस का बारह गुना था। पंजाब किंग्स के कोच रिकी पोंटिंग और सहायक कोच ब्रैड हेडिन ने एक अभ्यास मैच में प्रियांश के केवल आठ गेंदों का सामना करने के बाद ही उनकी प्रतिभा को पहचान लिया और उन्हें पहले मैच में खेलने का निर्णय लिया।

पंजाब किंग्स का घातक हथियार

आर्य का खेल दूसरों से अलग है। वे जोखिम की गणना करने के बजाय गेंद को देखते हैं और सीधा प्रहार करते हैं। आईपीएल 2025 सीज़न से पहले, उन्होंने भोपाल के पास रातापानी जंगल में एक महीने का गुरुकुल प्रशिक्षण लिया। प्रतिदिन 12 घंटे, सुबह 6:30 बजे से शुरू होकर, बिना फोन और सोशल मीडिया के, केवल बल्लेबाजी और गेंदबाजी का अभ्यास किया। इससे उन्हें तेज गेंदबाजों की शॉर्ट गेंदों का सामना करने के लिए तैयार होने में मदद मिली।

चेतेश्वर पुजारा ने भी उनकी गेंद की लंबाई को जल्दी समझने की क्षमता को नोटिस किया, जो उन्हें एक सामान्य स्लॉगर से अलग बनाती है। शुरुआत में उन्हें कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जैसे जोफ्रा आर्चर के खिलाफ गोल्डन डक पर आउट होना। लेकिन रिकी पोंटिंग के सरल और सीधे ऑस्ट्रेलियाई कोचिंग, "अगली बार गेंद मिले तो उसे मैदान से बाहर मारो", ने उन्हें आत्मविश्वास दिलाया। इसके परिणामस्वरूप, अगले मैच में प्रियांश ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा। 8 अप्रैल, 2025 को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ उन्होंने 39 गेंदों में 103 रन बनाकर शतक जड़ा, जो आईपीएल में किसी भारतीय द्वारा दूसरा सबसे तेज शतक था। उस साल पंजाब किंग्स फाइनल में उपविजेता रही और प्रियांश ने सभी सत्रह मैचों में 179 के स्ट्राइक रेट से 475 रन बनाए।

2026 सीज़न में, प्रियांश का स्ट्राइक रेट पहले दो मैचों में 242.11 रहा है। उन्होंने चेन्नई के खिलाफ 210 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 11 गेंदों पर 39 रन बनाए, जिससे पंजाब ने पावरप्ले में ही मैच पर पकड़ बना ली। वे पावरप्ले में मैच को खत्म कर देते हैं, जिससे मध्य क्रम के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने की आजादी मिलती है। प्रभासिमरन सिंह के साथ उनकी साझेदारी पंजाब किंग्स के लिए महत्वपूर्ण रही है, जहां एक आक्रामक खेलता है और दूसरा रोटेट करता है, जिससे टीम का स्कोर आगे बढ़ता है।

भविष्य की राह

प्रियांश आर्य सिर्फ टी20 के खिलाड़ी नहीं हैं; उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में भी अपनी क्षमता साबित की है। अक्टूबर 2025 में कानपुर में इंडिया ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच मैच में उन्होंने प्रभासिमरन के साथ 135 रन की साझेदारी की, जिसमें प्रियांश ने 84 गेंदों पर 101 रन बनाए। अब राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ताओं की नजर उन पर है, और टी20 विश्व कप व नामीबिया के खिलाफ वार्म-अप मैचों में उनका चयन संभव है।

आज भी दिल्ली में प्रियांश के पिता पवन आर्य और मां राधा बाला पढ़ा रहे हैं। प्रियांश खुद मानते हैं कि अगर क्रिकेट सफल नहीं होता, तो वे भी एक शिक्षक होते। हालांकि अब उनकी दिशा बदल गई है, लेकिन उनके प्रशिक्षण में अनुशासन और संरचना अभी भी एक शिक्षक की पाठ योजना जैसी दिखती है। 25 वर्षीय प्रियांश आर्य, एक शिक्षक का बेटा, अपनी भूख और सीखने की ललक के साथ क्रिकेट की दुनिया में आगे बढ़ रहा है। उनका सफर यह बताता है कि परिवार का समर्थन और सुरक्षा जाल किसी भी खिलाड़ी को मैदान पर और अधिक खतरनाक बना सकता है, क्योंकि असफलता का डर कम होने से वे और अधिक जोखिम लेने में सक्षम होते हैं। प्रियांश आर्य पंजाब किंग्स को अपना पहला आईपीएल खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Ravi Yadav