सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन : हवालाकांड के बाद गुना एसपी और सीधी कलेक्टर हटाए गए

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सीएम मोहन यादव  का  बड़ा एक्शन :  हवालाकांड  के बाद  गुना एसपी  और  सीधी कलेक्टर  हटाए गए

सीएम मोहन यादव का बड़ा प्रशासनिक एक्शन: गुना एसपी और सीधी कलेक्टर हटाए गए

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार शाम को गुना और सीधी जिलों में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया। उन्होंने हवालाकांड के बाद गुना के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है और सीधी के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को भी हटाने के निर्देश दिए हैं।

गुना हवालाकांड: एसपी अंकित सोनी पर गिरी गाज

गुना में हवालाकांड के आरोप सामने आने के बाद एसपी अंकित सोनी को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) बनाया गया है। उनकी जगह इंदौर में 15वीं बटालियन की कमांडेंट हितिका वसल को गुना का नया एसपी नियुक्त किया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब गुना पुलिस द्वारा गुजरात के एक जीरा कारोबारी की कार से करीब 1 करोड़ रुपए कैश पकड़े जाने के बाद, 20 लाख रुपए लेकर उसे छोड़ देने का आरोप लगा। गुजरात के एक आईपीएस अधिकारी के फोन के बाद पुलिस ने यह रकम लौटाई थी। इस मामले में पहले ही थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है, जिनमें एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन शामिल हैं। शुरुआती जांच में इनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद एसपी पर कार्रवाई हुई।

सीधी कलेक्टर पर जनप्रतिनिधियों की शिकायतें

इधर, सीधी जिले में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से मिली शिकायतों के बाद सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उनकी जगह मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ 2013 बैच के अधिकारी विकास मिश्रा को नया कलेक्टर बनाया गया है। विकास मिश्रा पहले डिंडौरी में भी कलेक्टर रह चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मिर्जापुर से सीधे सीधी जिला मुख्यालय पहुंचे थे, जहां स्थानीय जनों और राजनेताओं से मुलाकात के दौरान उन्हें कई शिकायतें मिलीं। जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अलग-अलग प्रकार की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकारी जवाबदारी के साथ काम करें। सीएम ने स्पष्ट किया कि यदि मैदानी कार्रवाई में शिकायतें प्राप्त होती हैं, तो ऐसे अधिकारियों को मैदान में रहने के बजाय वल्लभ भवन में बैठाना ज्यादा उचित है।

Amit Pateria