सीएम मोहन यादव शुरू करेंगे मंत्रियों की परफॉर्मेंस समीक्षा, तीन साल का एक्शन प्लान तैयार

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सीएम मोहन यादव शुरू करेंगे मंत्रियों की परफॉर्मेंस समीक्षा, तीन साल का एक्शन प्लान तैयार

सीएम मोहन यादव की हाई-लेवल समीक्षा: दो साल का मूल्यांकन और आगे के तीन साल का प्लान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल के मूल्यांकन और आगामी रणनीति तय करने के लिए मंत्रियों और विभागों की परफॉर्मेंस समीक्षा की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इस समीक्षा का दौर मंगलवार से आरंभ होगा और लगभग एक सप्ताह तक चलेगा।

दो वर्ष के कार्यकाल का मूल्यांकन और लक्ष्य निर्धारण

समीक्षा के दौरान प्रत्येक मंत्री से उनके विभाग के पिछले दो वर्षों के कामकाज का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत करने को कहा गया है। मंत्री अपने विभाग की उपलब्धियों, सामने आई कमियों, उनके निराकरण के उपाय तथा अगले तीन वर्षों के लिए तय किए जाने वाले लक्ष्यों और योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके साथ ही यह भी बताया जाएगा कि विभाग को कैसे आगे बढ़ाना है और शीर्ष स्तर पर लाने के लिए उनकी क्या योजना है।

अधिकारियों से तीन साल की कार्ययोजना और समाधान के सुझाव

मुख्यमंत्री सभी विभागों से जनता के हित में पिछले दो वर्षों में लिए गए फैसलों का विवरण, उनके क्रियान्वयन की स्थिति और कार्यान्वयन के दौरान आई समस्याओं की जानकारी लेंगे। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अगले तीन वर्षों के लक्ष्य निर्धारित करते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और उसका प्रेजेंटेशन दें। समीक्षा के दौरान अफसरों से समस्याओं के समाधान और सुधार के व्यावहारिक सुझाव भी लिए जाएंगे, ताकि बेहतर प्रशासनिक रणनीतियां बनाई जा सकें।

बैठकों का शेड्यूल: भोपाल और खजुराहो में समीक्षा

मंत्रियों, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाई-लेवल बैठकें 2 और 3 दिसंबर को भोपाल में दिनभर चलेंगी। इसके बाद 8 और 9 दिसंबर को खजुराहो में विभागवार समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में विभिन्न विभागों की योजनाओं, उपलब्धियों और आगामी एक्शन प्लान पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

पोस्टिंग और विभागीय बदलाव पर संभावित असर

सूत्रों के अनुसार, इस व्यापक समीक्षा का सीधा प्रभाव 15 दिसंबर के बाद होने वाली वरिष्ठ अधिकारियों की पोस्टिंग और मंत्रियों के विभागों में संभावित बदलाव के रूप में दिखाई दे सकता है। वर्ष 2026 के लिए प्रशासनिक कसावट और नई रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए ही यह पूरी प्रक्रिया चलाई जा रही है।

बेहतर शासन और पारदर्शिता का लक्ष्य

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस संपूर्ण समीक्षा प्रक्रिया का उद्देश्य शासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तेज निर्णय क्षमता वाला बनाना है। बैठकों में यह भी चर्चा होगी कि जो वर्किंग प्लान प्रस्तुत किए जाएंगे, उन्हें जमीन पर उतारने के लिए क्या तैयारियां करनी होंगी। इस तरह सरकार आने वाले तीन वर्षों के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

Sachin Saxena