रायसेन नयागांव पुल ढहने से तीन परिवार तबाह, जीजा-साले एम्स में जूझ रहे

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रायसेन नयागांव पुल ढहने से तीन परिवार तबाह, जीजा-साले एम्स में जूझ रहे

रायसेन के नयागांव पुल हादसे में एक की मौत, दो की हालत नाजुक

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में नयागांव पुल के अचानक ढहने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं और भोपाल के एम्स अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। घटना के बाद स्थानीय लोग और परिजन प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।

ट्रक निकलते ही पुल का हिस्सा ढहा, वाहन नीचे गिरे

सोमवार को बरेली–पिपरिया स्टेट हाईवे पर स्थित नयागांव पुल से एक ट्रक के गुजरते ही पुल का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। ट्रक पुल पार कर बच गया, लेकिन उसके पीछे आ रही एक बाइक और एक स्कूटी पुल से नीचे जा गिरीं। नीचे पत्थरों और मलबे पर गिरने से सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भागते हुए घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की।

एक की मौत, दो गंभीर घायलों का एम्स भोपाल में इलाज

हादसे में कुल चार लोग घायल हुए, जिन्हें गंभीर चोटों के साथ एम्स भोपाल रेफर किया गया। इनमें से स्कूटी सवार देवेंद्र धाकड़ (35) को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। वह अपनी बहन की विदाई कर वापस लौट रहे थे। इलाज के दौरान उनकी मौत की पुष्टि हुई। 28 वर्षीय देवेंद्र लोधी को हल्की चोटें आईं और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से जाने की अनुमति दे दी गई, हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें ऑब्जर्वेशन में रहने की सलाह दी।

बाइक पर सवार जगदीश केवट और उनके जीजा महेश केवट गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों को एम्स भोपाल के ट्रॉमा और इमरजेंसी विभाग में भर्ती किया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी जान बचाने की कोशिश कर रही है। दोनों की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है।

सिर और रीढ़ में कई जगह फ्रैक्चर, गहरे घाव से स्थिति नाजुक

डॉक्टरों के अनुसार जगदीश केवट के सिर से लेकर रीढ़ तक कई जगह फ्रैक्चर हैं। उनके सिर के पीछे लगभग चार इंच लंबा गहरा घाव है। रीढ़ की दो जगह हड्डी टूट चुकी है और गर्दन की हड्डी में भी चोट दिखाई दे रही है। उनकी मंगलवार सुबह सर्जरी किए जाने की योजना बनाई जा रही है। उन्हें येलो ट्रायज आईसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है और उनकी स्थिति पर हर मिनट निगरानी की जा रही है।

महेश केवट की स्थिति भी कम गंभीर नहीं है। उनके चेहरे पर कई गहरे घाव हैं और स्पाइन कॉर्ड में गंभीर चोटें पाई गई हैं। उन्हें रेड ट्रायज जोन में लगातार मॉनिटरिंग पर रखा गया है। फिलहाल किसी भी मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता नहीं पड़ी है, लेकिन डॉक्टर इस मामले को अत्यधिक जोखिम वाला मानते हुए निरंतर निगरानी कर रहे हैं।

रिश्तेदार के घर जाते समय हुआ हादसा

जगदीश केवट के बेटे कार्तिक ने बताया कि हादसे के समय उसके पिता जगदीश बाइक चला रहे थे और साथ में उनके फूफा महेश केवट थे। दोनों एक रिश्तेदार से मिलने के लिए निकले थे। कार्तिक के अनुसार जैसे ही वे पुल पर पहुंचे, उनके आगे चल रहा ट्रक पुल पार कर ही रहा था कि अचानक पुल का हिस्सा भरभराकर गिर गया। ट्रक तो निकल गया, लेकिन पीछे से आ रही उनकी बाइक और एक स्कूटी पुल से नीचे जा गिरी।

कार्तिक ने बताया कि नीचे गिरते ही पत्थरों और मलबे पर जोरदार टक्कर लगने से जगदीश और महेश के सिर, रीढ़, गर्दन और पैरों में कई जगह गहरी चोटें आईं। स्कूटी पर सवार लोगों को भी चोटें आईं, जिनमें से देवेंद्र धाकड़ की बाद में मौत हो गई।

परिवार की व्यथा: बोलने की हालत में नहीं, सांस लेने में दिक्कत

कार्तिक के अनुसार उसके पिता जगदीश और महेश दोनों इतने गंभीर रूप से घायल हैं कि वे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे। पिता को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जिस कारण डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा। अस्पताल के बाहर खड़े परिजनों की आंखों में डर और चिंता साफ झलकती है। परिवारजन लगातार डॉक्टरों से दोनों की स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं।

परिजनों ने लगाई लापरवाही के आरोप, पूछा—काम चल रहा था तो पुल क्यों खुला था

घटना के बाद कार्तिक और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि नयागांव पुल पर पहले से निर्माण कार्य चल रहा था और नीचे मजदूर भी काम कर रहे थे, इसके बावजूद पुल पर यातायात बंद नहीं किया गया। उनका कहना है कि अगर काम चल रहा था तो पुल को पूरी तरह बंद कर देना चाहिए था। न कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया और न ही कोई डायवर्जन बनाया गया।

महेश के परिजन भी यही आरोप लगाते हैं कि यदि थोड़ी भी सावधानी बरती जाती, ट्रैफिक रोका जाता और चेतावनी बोर्ड लगाए जाते, तो आज उनके अपने लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ नहीं रहे होते। परिजन इस पूरे हादसे के लिए सिस्टम और प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार मान रहे हैं।

पुल बंद, जिम्मेदार प्रबंधक निलंबित

हादसे के बाद प्रशासन ने नयागांव पुल को पूरी तरह से आवागमन के लिए बंद कर दिया है ताकि दोबारा किसी तरह की दुर्घटना न हो सके। लापरवाही के आरोपों के बीच संबंधित प्रबंधक ए.ए. खान को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना की जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थानीय प्रशासन के स्तर पर प्रक्रिया जारी है।

नयागांव पुल हादसा केवल एक तकनीकी खराबी या संरचनात्मक विफलता भर नहीं, बल्कि तीन परिवारों के लिए गहरा भावनात्मक आघात बन गया है। एक परिवार अपने सदस्य को खो चुका है, जबकि दो परिवार अस्पताल के बाहर हर पल इस उम्मीद में खड़े हैं कि उनके अपने किसी तरह ठीक होकर वापस लौट आएं।

Janmejay Chaturvedi