सीहोर वेयरहाउस सौदे में स्टांप ड्यूटी चोरी, ईओडब्ल्यू ने दर्ज की एफआईआर

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सीहोर वेयरहाउस सौदे में स्टांप ड्यूटी चोरी, ईओडब्ल्यू ने दर्ज की एफआईआर

सीहोर वेयरहाउस सौदे में अनियमितताएं, ईओडब्ल्यू ने दर्ज की एफआईआर

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की तहसील और ग्राम उदयपुरा स्थित भूमि और वेयरहाउस की बिक्री में कथित अनियमितताओं के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने जांच के बाद एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि संपत्ति का बाजार मूल्य और वेयरहाउस का क्षेत्रफल कम दिखाकर स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क की चोरी की गई।

यूको बैंक की नीलामी से शुरू हुआ मामला

ईओडब्ल्यू के अनुसार वर्ष 2019 में संबंधित संपत्ति को यूको बैंक, शाखा मालवीय नगर भोपाल ने सरफेसी अधिनियम के तहत 1.80 करोड़ रुपये में नीलाम किया था। उस समय अभिलेखों में 1.320 हेक्टेयर भूमि और 2768.38 वर्ग मीटर वेयरहाउस दर्ज था और बाजार मूल्य 4.98 करोड़ रुपये दर्शाया गया था।

गलत दस्तावेजों के आधार पर दोबारा बिक्री का आरोप

जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में उसी संपत्ति को गलत दस्तावेजों के आधार पर दो बिक्री पत्रों के माध्यम से 96.51 लाख रुपये में बेचा गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान वेयरहाउस का क्षेत्रफल जानबूझकर कम दिखाया गया और वास्तविक बाजार मूल्य से कम आंकड़े दर्ज किए गए, जिससे राजस्व की हानि हुई।

स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क में गड़बड़ी

ईओडब्ल्यू को वर्ष 2023 में इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन, पंजीयन विभाग से अभिलेखों की जांच और स्थल निरीक्षण कराया गया। जांच के दौरान यह सामने आया कि पंजीयन के समय पहले के विक्रय पत्र का उल्लेख नहीं किया गया था। कार्रवाई में यह तथ्य स्थापित हुआ कि स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क निर्धारित मानकों से कम चुकाया गया।

कंपनियों के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज

इन अनियमितताओं के चलते ईओडब्ल्यू ने डॉ. रमन गोवर्धन अरोरा, प्रॉपराइटर/डायरेक्टर, मेसर्स कॉमकाक्स कमोडिटी एंड इंस्पेक्शंस प्रा. लि., सुरेश प्रसाद कौशल, प्रॉपराइटर, मेसर्स दर्पण रायपुर और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच निष्कर्षों और न्यायालयी प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।

L. N. Bhargava