भोपाल नगर निगम फिर फेल, सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग में नीचे से दूसरा नंबर

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भोपाल नगर निगम फिर फेल, सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग में नीचे से दूसरा नंबर

सीएम हेल्पलाइन पर भोपाल नगर निगम का प्रदर्शन फिर निराशाजनक

सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से आम नागरिकों की शिकायतें समाधान करने में भोपाल नगर निगम लगातार खराब प्रदर्शन कर रहा है। नवंबर 2025 की ग्रेडिंग रिपोर्ट में भोपाल 16 नगर निगमों में 15वें स्थान पर रहा, जो नीचे से दूसरा स्थान है।

रैंकिंग में मामूली सुधार, फिर भी स्थिति चिंताजनक

अक्टूबर 2025 में भोपाल नगर निगम 16वें स्थान पर था। नवंबर में एक पायदान की बढ़त के साथ यह 15वें नंबर पर आया है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इस प्रदर्शन को अभी भी संतोषजनक नहीं माना जा सकता। यह स्थिति बताती है कि शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निराकरण पर अपेक्षित स्तर पर काम नहीं हो रहा है।

लंबित शिकायतों की बड़ी संख्या बनी समस्या

रिपोर्ट के अनुसार भोपाल में 50 दिन से अधिक समय से 1,132 शिकायतें लंबित हैं। इनमें सबसे अधिक 767 शिकायतें भवन अनुज्ञा से संबंधित हैं। यह आंकड़े संकेत देते हैं कि पुराने मामलों के समाधान को प्राथमिकता नहीं मिल रही है और नागरिकों की समस्याएं लंबे समय तक अटकी हुई हैं।

वेटेज स्कोर से खुली कार्यप्रणाली की कमजोरी

50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के वेटेज में भी भोपाल का स्कोर 5.91 दर्ज किया गया है, जो कई अन्य शहरों से कम है। इस कम स्कोर से यह स्पष्ट होता है कि पुरानी शिकायतों के निस्तारण के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं और प्रणालीगत कमियां अब भी बनी हुई हैं।

निष्कर्ष

लगातार दूसरे महीने निचले पायदानों पर रहने से साफ है कि सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों के समाधान में भोपाल नगर निगम को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। लंबित शिकायतों की अधिक संख्या और कम वेटेज स्कोर नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

Gulzar Ahmad