संस्कार कांवड़ यात्रा में मुख्यमंत्री शामिल
सावन के पवित्र महीने में मां नर्मदा का जल लेकर बाबा भोलेनाथ को अर्पित करने के लिए निकली संस्कार कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी यात्रा में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों और जबलपुरवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सावन में नर्मदा की नगरी संस्कारधानी जबलपुर से जल अर्पित करने के लिए निकलने वाली यह यात्रा हर वर्ष नए संकल्प और आस्था के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नर्मदा के प्रति लोगों की आस्था अद्वितीय है। नर्मदा के हर कण में शंकर का वास दिखाई देता है। उन्होंने दादा गुरु और हजारों कांवड़ यात्रियों का अभिनंदन किया।
धार्मिक पर्यटन और सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है। कांवड़ यात्रियों के मार्ग में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रमुख देवस्थलों का विकास उनकी धार्मिक गरिमा और महत्व के अनुरूप किया जा रहा है। देवस्थलों के आसपास जनसुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर है।
आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था
यात्रा के दौरान शहर के कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में छुट्टी के आदेश का पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए तेज आवाज वाले डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया है। झांकी, मंच या वाहन पर अधिकतम दो साउंड बॉक्स लगाए जा सकेंगे। स्पीकर का आकार 12 इंच से अधिक नहीं होगा। ध्वनि की अधिकतम सीमा 50 डेसिबल तय की गई है। हॉर्न स्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। विवादित या भावनाएं आहत करने वाले गीत नहीं बजाए जा सकेंगे।
यात्रा का रिकॉर्ड
संस्कार कांवड़ यात्रा का नाम गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है। इसमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। इस बार यात्रा समर्थ सद्गुरु भैया जी सरकार और रामू दादा सहित संतजनों के सान्निध्य में निकाली जा रही है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे और यात्रा का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है।
इससे पहले कांवड़ यात्रा में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भी शामिल हुए।
Sachin Saxena