सोम डिस्टलरीज लाइसेंस निलंबन: एमपी हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव व आबकारी आयुक्त को जारी किया नोटिस

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सोम डिस्टलरीज  लाइसेंस निलंबन:  एमपी हाईकोर्ट  ने  प्रमुख सचिव  व  आबकारी आयुक्त  को जारी किया नोटिस

सोम डिस्टलरीज लाइसेंस निलंबन: एमपी हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव और आबकारी आयुक्त को भेजा नोटिस

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोम डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड और सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव और आबकारी आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह मामला एमपी हाईकोर्ट के इतिहास में संभवतः पहला ऐसा केस है, जिसकी शुरुआती सुनवाई के लिए तीसरी बेंच तय की गई, क्योंकि पहले की दो बेंचों ने इस मुकदमे की सुनवाई से इनकार कर दिया था।

लाइसेंस निलंबन को चुनौती

सोम डिस्टलरीज की ओर से दायर याचिका में 4 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत आबकारी आयुक्त ने कंपनियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए थे। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई उन्हें सुनवाई का अवसर दिए बिना की गई है, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। कंपनियों का तर्क है कि लाइसेंस निलंबन से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए था। उन्होंने बिना नोटिस और सुनवाई के की गई इस कार्रवाई को अधिकार क्षेत्र से बाहर और अवैधानिक बताया है। यह निलंबन तत्कालीन आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल द्वारा अपर सत्र न्यायालय, देपालपुर जिला इंदौर के एक प्रकरण में पारित निर्णय के आधार पर किया गया था, जिसमें सजा के क्रियान्वयन पर रोक के बावजूद दोषसिद्धि अभी भी प्रभावी है।

दो बेंचों ने सुनवाई से किया इनकार

इस मामले की सुनवाई 6 फरवरी को शुरू हुई थी, जिसमें याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल और अधिवक्ता राहुल दिवाकर ने पैरवी की, जबकि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और अधिवक्ता आदित्य पाराशर ने पक्ष रखा। दलीलें सुनने के बाद जस्टिस विशाल मिश्रा की अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, 24 फरवरी को जस्टिस मिश्रा के मामले से हटने के बाद चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने प्रशासनिक स्तर पर जस्टिस एसएन भट्ट के समक्ष इस याचिका को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए। जस्टिस भट्ट ने भी बीते शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया था।

जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच में हुई सुनवाई

दो जजों द्वारा सुनवाई से इनकार करने के बाद, अंततः चीफ जस्टिस के आदेश पर जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। कोर्ट ने वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव और आबकारी आयुक्त को नोटिस जारी करते हुए उनसे इस प्रकरण पर जवाब तलब किया है।

Bhavanesh Soni