सोनिया गांधी दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उन्हें सोमवार शाम नियमित जांच के लिए एडमिट किया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उन्हें छाती रोग विशेषज्ञ की निगरानी में रखा गया है।
प्रदूषण से बढ़ी पुरानी खांसी की दिक्कत
सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी को लंबे समय से खांसी की समस्या है, जिसके चलते वे समय-समय पर अस्पताल में जांच के लिए आती रहती हैं। खास तौर पर दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण उनकी यह दिक्कत बढ़ जाती है। जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी दिसंबर 2025 में 79 वर्ष की हो चुकी हैं।
पहले भी पेट दर्द और अचानक तबीयत बिगड़ने पर भर्ती
इससे पहले 15 जून 2025 को सोनिया गांधी को पेट में परेशानी की शिकायत के बाद सर गंगाराम अस्पताल के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया था। उस दौरान वे लगभग 3 से 4 दिन तक अस्पताल में रहीं। इससे कुछ दिन पहले 7 जून को भी उनका स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया था।
उस समय वे प्रियंका गांधी के साथ शिमला स्थित अपने घर में छुट्टियां बिता रही थीं, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण अगले दिन ही दिल्ली लौट आईं। इसके बाद उन्होंने 9 जून को सर गंगाराम अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया था।
अन्य प्रमुख घटनाएं: पंजाब में जासूसी के आरोप में नाबालिग गिरफ्तार
पंजाब के पठानकोट में 15 साल के नाबालिग को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि वह आईएसआई, पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों और आतंकी मॉड्यूल चलाने वालों के संपर्क में था। उस पर भारत के कई ठिकानों और अन्य संवेदनशील जानकारियां आतंकी एजेंटों को भेजने का आरोप है। नाबालिग सोशल मीडिया के जरिए आतंकी संगठनों से जुड़ा था।
असम में ऑयल पाइपलाइन लीक, खेतों और मछली पालन को नुकसान
असम के डिब्रुगढ़ में ऑयल इंडिया लिमिटेड की क्रूड ऑयल पाइपलाइन मंगलवार सुबह 10 बजे फट गई, जिससे आसपास के खेतों में तेल फैल गया। इससे 12 घंटे के भीतर दूसरी बार पाइपलाइन लीक हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, बार-बार रिसाव से खेतों में तेल की मोटी परत जम गई है और फसलों व मछली पालन को नुकसान हो रहा है। स्थानीय लोगों ने कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजा और पाइपलाइन बदलने की मांग की है।
गुजरात की छह अदालतों को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी
गुजरात हाईकोर्ट समेत राज्य की छह अदालतों को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी मिली है। सूरत की अदालत के आधिकारिक ईमेल पर सोमवार रात 2 बजे धमकी भरा मेल आया, जिसके बाद आणंद, राजकोट, अहमदाबाद और भरूच के सेशन कोर्ट को भी इसी तरह के ईमेल मिले। सूचना पर पुलिस और बम स्क्वॉड ने जांच की, लेकिन किसी अदालत से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। धमकी ईमेल में एलटीटीई का नाम इस्तेमाल किया गया है।
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में खराब तकनीकी प्रबंधन और बड़े पैमाने पर योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के आरोप लगाए गए हैं। इसमें वरिष्ठ नागरिकों को हो रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया गया है और चुनाव आयोग से बीएलओ को अनौपचारिक निर्देश देना बंद करने की मांग की गई है। साथ ही वोटर लिस्ट में दावों और आपत्तियों के लिए 15 जनवरी के बाद भी समयसीमा बढ़ाने की अपील की गई है।
दिल्ली में DMRC क्वार्टर में आग, दंपति और बेटी की मौत
दिल्ली के आदर्श नगर स्थित दिल्ली मेट्रो रेल निगम के क्वार्टर की एक इमारत में मंगलवार तड़के आग लग गई। हादसे में एक दंपति और उनकी 10 वर्षीया बेटी की मौत हो गई। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान अजय कुमार (42), उनकी पत्नी नीलम (38) और बेटी जाह्नवी के रूप में हुई। पांचवीं मंजिल पर आग लगने की सूचना सुबह 2:39 बजे मिली, जिसके बाद पांच दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं।
तेलंगाना में दलित हाउस सर्जन की आत्महत्या, सीनियर डॉक्टर पर केस
तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले के सरकारी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत 23 वर्षीय दलित हाउस सर्जन की आत्महत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने युवती से शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में जातिगत कारणों का हवाला देकर इनकार कर दिया।
शादी से इनकार से आहत होकर युवती ने 3 जनवरी को कॉलेज हॉस्टल में खुद को एक हर्बीसाइड इंजेक्ट कर लिया, जिससे वह बेहोश हो गई। साथ रहने वाली छात्राओं ने उसे पहले सिद्दीपेट के अस्पताल और बाद में हैदराबाद के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान 4 जनवरी की सुबह उसकी मौत हो गई।
युवती की बहन की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, मृतका जोगुलंबा-गडवाल जिले के एक गरीब परिवार से थी, सरकारी स्कूल से पढ़ी थी और 2020 में सिद्दीपेट सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिल हुई थी। उसके माता-पिता मजदूर हैं, जबकि बड़ी बहन सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह वहीं इंटर्नशिप कर रही थी और जुलाई 2023 में आरोपी सीनियर रेजिडेंट से उसकी पहचान हुई थी।
तमिलनाडु में मिड-डे मील के बाद 33 से अधिक छात्र बीमार
तमिलनाडु के कोयंबटूर के पास ओडक्कलपलायम सरकारी मिडिल स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 33 से ज्यादा छात्र बीमार हो गए। अधिकारियों के अनुसार, सभी छात्रों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना रविवार की बताई जा रही है और स्कूल सुल्तानपेट यूनियन के तहत आता है।
खाना खाने के कुछ देर बाद छात्रों को उल्टी और पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई। सूचना मिलने पर सुल्तानपेट ब्लॉक विकास अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। मिड-डे मील की गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए गए हैं और सुल्तानपेट पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का निधन
पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्हें पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह जानकारी कलमाड़ी के आधिकारिक कार्यालय ने दी। उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे तक पुणे स्थित कलमाड़ी हाउस, एरंडवणे में रखा जाना है और अंतिम संस्कार दोपहर 3:30 बजे वैकुंठ श्मशान भूमि, नवी पेठ, पुणे में किया जाना है।
कर्नाटक में सिद्धारमैया का सबसे लंबे कार्यकाल वाला मुख्यमंत्री बनने की ओर कदम
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 7 जनवरी को पूर्व मुख्यमंत्री देवेराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़ते हुए राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बनने वाले नेता होंगे। उर्स ने 7 वर्ष 239 दिन तक मुख्यमंत्री पद संभाला था, जबकि सिद्धारमैया 7 वर्ष 240 दिन पूरे करेंगे। मंगलवार को उन्होंने उर्स के रिकॉर्ड की बराबरी की।
सिद्धारमैया ने इस उपलब्धि का श्रेय जनता के समर्थन को देते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि वे और देवेराज उर्स दोनों मैसूरु से हैं। उन्होंने कहा कि वे सामाजिक रूप से पिछड़े समुदाय से आते हैं और उन्होंने कभी मुख्यमंत्री बनने की कल्पना नहीं की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका और उर्स का कोई मुकाबला नहीं है, क्योंकि समय और परिस्थितियां अलग थीं, और कहा कि रिकॉर्ड टूटने के लिए ही होते हैं, जैसे क्रिकेट में विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा।
दिल्ली प्रदूषण पर मेनका गांधी और मंजिंदर सिरसा के बयान
दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि जो लोग पटाखे फोड़ते हैं, वे देशद्रोही हैं। उनके अनुसार, ग्रीन पटाखे जैसी कोई चीज नहीं होती और जो लोग सबसे ज्यादा पटाखे फोड़ते हैं, वही सरकार पर सबसे ज्यादा आरोप लगाते हैं।
उन्होंने कहा कि दिवाली, दशहरा, शादी, नए साल या क्रिकेट मैच जैसे हर मौके पर पटाखे फोड़े जाते हैं, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। उनके अनुसार, दिवाली से तीन दिन पहले तक हवा साफ रहती है, लेकिन दिवाली से नए साल तक हवा जहरीली हो जाती है।
इसी मुद्दे पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी के विधायकों के प्रदूषण विरोधी प्रदर्शन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 साल से सत्ता में रहने के बावजूद आप सरकार ने प्रदूषण पर कोई ठोस काम नहीं किया और अब नाकामियां छिपाने के लिए ध्यान भटकाने की रणनीति अपना रही है। सिरसा ने महंगे इंडस्ट्रियल मास्क पहनकर प्रदर्शन को पाखंड बताया और कहा कि यह शहर के लिए नहीं, अपनी सेहत की चिंता दिखाता है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने पिछले सालों की तुलना में अच्छे हवा वाले दिनों की संख्या बढ़ाई है और वैज्ञानिक तरीके से प्रदूषण नियंत्रण किया जा रहा है।
दिल्ली के वेलकम इलाके में चाकूबाजी, एक युवक की मौत
दिल्ली के वेलकम इलाके में सोमवार शाम चाकूबाजी की घटना में 18 वर्षीय अल्ताफ अली की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक घायल हुआ। पुलिस के मुताबिक, पीसीआर कॉल मिलने पर टीम मौके पर पहुंची तो दोनों युवक घायल अवस्था में पड़े थे। आरोपियों की तलाश की जा रही है और क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
निष्कर्ष
देशभर से आई इन घटनाओं में सोनिया गांधी के स्वास्थ्य, सुरक्षा से जुड़े खतरे, पर्यावरण और प्रदूषण के मुद्दे, सामाजिक न्याय से संबंधित आत्महत्या का मामला, बच्चों के स्वास्थ्य पर मिड-डे मील की गुणवत्ता का असर, एक वरिष्ठ नेता का निधन, कर्नाटक की राजनीति में रिकॉर्ड बनाता नेतृत्व और राजधानी दिल्ली में अपराध की घटनाएं शामिल हैं। ये सभी घटनाएं विभिन्न क्षेत्रों में सामने आ रही चुनौतियों और बहसों को रेखांकित करती हैं।
Sharad Shrivastava