भोपाल में सफाईकर्मियों की हड़ताल: कचरा जमाव, पानी और बिजली बंद की चेतावनी
हड़ताल और उसकी प्रभाव
भोपाल के लगभग 11,000 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, जिनमें सफाईकर्मी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, जलप्रदाय, फायर, बिल्डिंग परमिशन, अतिक्रमण, विद्युत, यांत्रिकी, उद्यान और योजना प्रकोष्ठ के कर्मचारी शामिल हैं, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। 85 वार्ड और 21 जोन के काम प्रभावित हुए हैं।
हड़ताल के कारण 400 से अधिक कचरा गाड़ियाँ गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। सामान्य दिनों में हर गाड़ी रोज दो से तीन चक्कर लगाती है। शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों पर कचरा जमा होता है, जिसे कैप्सूल टैंकरों से आदमपुर छावनी भेजा जाता है। भोपाल से रोज लगभग 850 टन कचरा निकलता है।
सफाईकर्मियों ने शुक्रवार से पानी की सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी है। भोपाल में 2.30 लाख से अधिक नल कनेक्शन हैं। नगर निगम मुख्यालय स्थित अटल भवन में कामकाज ठप हो गया है, क्योंकि कर्मचारी नेता अशोक वर्मा ने गुरुवार को बिजली सप्लाई बंद कर दी और ताला लगा दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, शहर की दीपावली अंधेरे में रहेगी।
मांगें और अन्य प्रतिक्रियाएँ
कर्मचारी 1 लाख से अधिक सफाईकर्मियों के लिए नियमितीकरण, वेतन बढ़ाने, ठेका प्रथा खत्म करने की मांग कर रहे हैं। वेतन 25,000 रुपये तय करने और पति या पत्नी की मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति देने की भी मांग है।
शिवपुरी में लगभग 350 कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे सड़कों और बाजारों में कचरा जमा हो रहा है। शिवाजी नगर और तुलसी नगर में भी सफाई नहीं हुई है, और व्यापारी कचरा जला रहे हैं।
व्यापारियों ने न्यू मार्केट समेत कई बाजारों में वॉलंटियर्स की मदद से सफाई कराई, और सरकार से समाधान निकालने की अपील की है।
विधायक उमाकांत शर्मा और टेलर दिनेश कुमार ने स्वयं सड़क पर उतरकर सफाई की पहल की, जिससे कुछ लोगों ने मदद की।
सफाई यूनियन के प्रदेश मंत्री वसी सुल्तान ने कहा कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
Janmejay Chaturvedi