केरल हाईकोर्ट ने जज पिता को अग्रिम जमानत दी, पीड़ित परिवार निराश

· 1 min read
केरल हाईकोर्ट ने जज पिता को अग्रिम जमानत दी, पीड़ित परिवार निराश

केरल हाईकोर्ट ने मर्सिडीज हादसे के नाबालिग आरोपी के जज पिता को अग्रिम जमानत दी

कोर्ट का आदेश और तर्क

केरल हाईकोर्ट की एडिशनल सेशन जज कविता गंगाधरन ने गुरुवार को पीड़ित परिवार की याचिका खारिज करते हुए नाबालिग आरोपी के पिता को अग्रिम जमानत प्रदान की। अदालत ने कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, इसके सबूत नहीं मिले। पिता न्यायिक अधिकारी हैं और जांच में सहयोग कर चुके हैं, इसलिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना आवश्यक नहीं है।

हादसे का विवरण और बाद की कार्रवाई

हादसा 25 अक्टूबर की देर रात कोच्चि के चेरानल्लूर इलाके में हुआ जब जज के नाबालिग बेटे ने तेज रफ्तार मर्सिडीज से स्कूटर सवार 55 वर्षीय जयबालकृष्णन को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। मर्सिडीज जज के नाम पंजीकृत थी, जिसके आधार पर केरल हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने जज के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199ए के तहत मामला दर्ज किया। जज ने अदालत को बताया कि उन्हें बेटे के कार लेकर निकलने की जानकारी नहीं थी; वे रात 1:28 बजे सोने चले गए थे और हादसे की सूचना रात 2:14 बजे फोन पर मिली।

मृतक जयबालकृष्णन करीब 30 साल से पत्नी मंजू के साथ चित्तूर मंदिर के पास खाने का स्टॉल चलाते थे। वे रोज शाम लगभग 4 बजे दुकान खोलते थे और पत्नी के साथ स्कूटी से लगभग 20 किलोमीटर का सफर तय करते थे। घटना के समय पत्नी इलाज के कारण एक हफ्ते की छुट्टी पर थीं और जयबालकृष्णन अकेले घर लौट रहे थे।

मृतक की बेटी भद्रकीर्ति ने दावा किया कि नाबालिग पहले भी कार चलाता था और उसके पास इसके सबूत हैं। आरोपी ने दोस्तों को 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार चलाने के वीडियो और तस्वीरें भेजी थीं। रिपोर्ट के अनुसार नाबालिग अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तेज रफ्तार ड्राइविंग के वीडियो पोस्ट करता था, जिन्हें हादसे के कुछ घंटों बाद हटा दिया गया और अकाउंट प्राइवेट कर दिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुछ वीडियो में नाबालिग 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ

Satyam Tripathi