भोजशाला पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, उज्जैन संभाग में सुरक्षा कड़ी
मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला में पूजा और नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद उज्जैन समेत पूरे संभाग में पुलिस और प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कोर्ट के निर्देशों के मद्देनजर स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
भोजशाला में पूजा और नमाज के समय निर्धारित
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि भोजशाला परिसर में हिंदू पक्ष सुबह से दोपहर 12 बजे तक पूजा करेगा। दोपहर 12 बजे के बाद मुस्लिम पक्ष नमाज अदा करेगा। इसके पश्चात शाम 4 बजे से हिंदू पक्ष को पुनः पूजा की अनुमति दी गई है। इस प्रकार दिन के अलग-अलग समय में दोनों समुदायों के धार्मिक अनुष्ठान के लिए व्यवस्था तय की गई है।
याचिका और सुनवाई की पृष्ठभूमि
यह निर्णय हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से दायर याचिका पर आया है। संगठन ने 20 जनवरी को याचिका दाखिल कर 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति मांगी थी। इस याचिका पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने की। सुनवाई के बाद 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
उज्जैन में पुलिस अलर्ट और कड़ी निगरानी
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद उज्जैन पुलिस ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि शहर में अलर्ट मोड पर लगातार चेकिंग की जा रही है। उनके अनुसार, पुराने चिन्हित व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की law and order की स्थिति न बनने पाए।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि शहर में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। बुधवार देर रात उन्होंने स्वयं शहर में रात्रि गश्त का निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निष्कर्ष
भोजशाला परिसर में पूजा और नमाज के समय निर्धारित करने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी और गश्त कर रही है।
Gulzar Ahmad