एमपी के 8 जिलों में बारिश का अलर्ट, करौंदी-कटनी सबसे ठंडा रहा

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एमपी के 8 जिलों में बारिश का अलर्ट, करौंदी-कटनी सबसे ठंडा रहा

मध्यप्रदेश के आठ जिलों में बारिश का अलर्ट, कई शहरों में बढ़ी सर्दी

मध्यप्रदेश में अगले 24 घंटे के भीतर आठ जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों के लिए मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादल छाने के आसार हैं।

पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी बर्फबारी से बदला मौसम

देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के बाद मध्यप्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। गुरुवार को भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और विदिशा समेत कई जिलों में बादल छाए और सर्द हवाएं चलने लगीं।

शुक्रवार को भोपाल में बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन बादल छाए रहने की संभावना है। यदि बारिश होती है तो इस सीजन में पहली बार मावठा गिरेगा, क्योंकि मानसून समाप्त होने के बाद नवंबर और दिसंबर में प्रदेश के किसी हिस्से में बारिश नहीं हुई थी। जनवरी में मावठा गिरने के आसार अब बन रहे हैं।

नया सिस्टम भी ला सकता है बारिश

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि गुरुवार से मौसम में बदलाव दिख रहा है और शुक्रवार को उत्तरी भागों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। उनके अनुसार, 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत को एक और पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित कर सकता है, जो फिलहाल मजबूत दिखाई दे रहा है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में भी बारिश होने का अनुमान है।

फिलहाल तेज ठंड की आशंका नहीं, कई जिलों में कोहरा

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तेज ठंड पड़ने की संभावना नहीं है, हालांकि सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव और सिवनी में कोहरा देखने को मिला था।

कटनी का करौंदी सबसे ठंडा, कई शहरों में पारा एकल अंक में

बुधवार-गुरुवार की रात में कटनी का करौंदी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छतरपुर के नौगांव में 6.5 डिग्री, उमरिया में 6.9 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री और दतिया में 7.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

दमोह और सतना में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री, मंडला में 9 डिग्री, जबकि राजगढ़ और सीधी में 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच बड़े शहरों में ग्वालियर का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री, जबलपुर का 10.9 डिग्री, भोपाल का 11.2 डिग्री, इंदौर का 13.6 डिग्री और उज्जैन का 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

क्या है पश्चिमी विक्षोभ

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक मौसम तंत्र होता है। इसके सक्रिय होने पर पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होती है। सिस्टम के गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवाएं ठंडी रहती हैं, जिससे दिन और रात दोनों समय ठंड का असर बढ़ जाता है।

जनवरी: कड़ाके की ठंड और मावठा का महीना

मौसम विभाग का कहना है कि जैसे जून से सितंबर तक के चार मानसूनी महीनों में जुलाई-अगस्त सबसे अहम माने जाते हैं, वैसे ही ठंड के लिए दिसंबर और जनवरी महत्वपूर्ण हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तर भारत से ठंडी हवाएं ज्यादा आती हैं और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाती है।

पिछले 10 साल के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से मावठा गिरने की प्रवृत्ति दिखी है। पिछले वर्ष भी कई जिलों में जनवरी में बारिश दर्ज की गई थी। इस बार वर्ष के पहले दिन से ही बादल छाए रहे और अब महीने के आखिरी सप्ताह में भी बारिश और बादल वाला मौसम बन गया है।

भोपाल: सर्दी और बारिश के ऐतिहासिक रिकॉर्ड

भोपाल में जनवरी के महीने में कड़ाके की ठंड के साथ दिन में गर्माहट और बारिश का मिश्रित ट्रेंड रहा है। 18 जनवरी 1935 को यहां रात का न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो रिकॉर्ड है। 26 जनवरी 2009 को दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

पिछले 10 वर्षों में से 7 साल जनवरी में बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को दर्ज की गई, जबकि जनवरी महीने में सर्वाधिक 3.8 इंच बारिश 1948 में हुई थी।

इंदौर: पारा माइनस में पहुंचने वाले दिन

इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में दर्ज किया गया है। 16 जनवरी 1935 को यहां न्यूनतम तापमान माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो समग्र रिकॉर्ड माना जाता है। 27 जनवरी 1990 को दिन का अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

बारिश के संदर्भ में, 6 जनवरी 1920 को 24 घंटे में 3 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई थी और उसी वर्ष जनवरी में कुल 4 इंच मासिक बारिश हुई थी।

जबलपुर: तीखी सर्दी और बारिश का रुझान

जबलपुर में भी जनवरी के महीने में ठंड और बारिश का स्पष्ट ट्रेंड देखा जाता है। 7 जनवरी 1946 को रात का न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि 7 जनवरी 1973 को दिन का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

यहां 24 घंटे में सर्वाधिक 2.5 इंच बारिश 24 जनवरी 1919 को दर्ज की गई थी। उसी वर्ष जनवरी में कुल 8 इंच से अधिक मासिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

ग्वालियर-चंबल: उत्तरी हवाओं से सबसे ज्यादा ठंड

उत्तरी हवाओं के सीधे प्रभाव के कारण ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका माना जाता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का रुझान रहता है। पिछले 10 साल के आंकड़ों में 2018 में न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

ऐतिहासिक रूप से, 24 जनवरी 1954 को ग्वालियर में रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। जनवरी में यहां नियमित रूप से बारिश भी दर्ज की जाती है। 2014 से 2024 के बीच 9 वर्षों में जनवरी में बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक 2.1 इंच बारिश 8 जनवरी 1926 को हुई, जबकि 1948 में कुल मासिक बारिश 3.1 इंच रिकॉर्ड की गई।

उज्जैन: शून्य डिग्री तक पहुंचा तापमान

उज्जैन में भी उत्तरी हवाओं का असर दिखाई देता है, जिससे जनवरी में तीखी ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को यहां न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। पिछले 10 वर्षों में जनवरी के दौरान यहां तापमान 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा चुका है।

उज्जैन में 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 का है, जब लगभग सवा इंच बारिश हुई थी। जनवरी में सर्वाधिक कुल मासिक बारिश 2.2 इंच वर्ष 1994 में दर्ज की गई थी।

निष्कर्ष: बारिश की चेतावनी के बीच सर्दी बनी हुई है प्रमुख चिंता

कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के असर से मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर बदल गया है। कई जिलों में बारिश की चेतावनी है, जबकि कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों को सर्दी का एहसास करा रही हैं। जनवरी के ऐतिहासिक तापमान और बारिश के रिकॉर्ड यह संकेत देते हैं कि यह महीना प्रदेश के लिए ठंड और मावठा दोनों के लिहाज से अहम बना हुआ है।

L. N. Bhargava