सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर राज्यों से जवाब मांगा

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सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में राज्यों से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आवारा कुत्तों से जुड़े एक केस की सुनवाई करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस संबंध में मुख्य सचिवों को पेश होने से छूट देने की याचिका खारिज कर दी।

कोर्ट ने आदेश का सम्मान न होने पर जताई नाराजगी

जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, "जब हम मुख्य सचिवों से हलफनामा दाखिल करने को कहते हैं, तो वे चुप्पी साधे रहते हैं। हमारे आदेश का कोई सम्मान नहीं है। अब उन्हें पेश होने दीजिए, हम उनसे निपट लेंगे।" सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिवों को 3 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।

रेबीज और आवारा कुत्तों पर कोर्ट का रुख

यह मामला आवारा कुत्तों के काटने से होने वाले रेबीज के बढ़ते मामलों पर आधारित है। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को सुनवाई के दौरान इस केस का दायरा दिल्ली-एनसीआर से बढ़ाकर पूरे देश में कर दिया था। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण कर उन्हें वापस उनके स्थान पर छोड़ दिया जाए। हालांकि, रेबीज से संक्रमित और आक्रामक कुत्तों को शेल्टर होम में रखने का सुझाव दिया गया था।

सख्त आदेश पर पुनर्विचार

कोर्ट ने 11 अगस्त को दिए गए एक आदेश को सख्त बताते हुए इसे संशोधित किया था, जिसमें सभी आवारा कुत्तों को 8 हफ्तों में दिल्ली-एनसीआर के आवासीय इलाकों से हटाकर शेल्टर होम भेजने की बात कही गई थी।

Bhavanesh Soni