सुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो मंदिर मूर्ति बहाली याचिका खारिज की

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सुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो मंदिर मूर्ति बहाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो मंदिर मूर्ति बहाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो के वामन मंदिर में भगवान विष्णु की खंडित प्रतिमा की बहाली की मांग को लेकर दाखिल याचिका को खारिज कर दिया। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की बेंच ने की।

खंडित प्रतिमा और याचिका का मामला

याचिकाकर्ता राकेश दलाल ने दावा किया था कि मंदिर की 7 फीट ऊंची खंडित मूर्ति मुगल आक्रमण के दौरान खराब हुई थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से पूजा-अर्चना के अधिकार की रक्षा और मंदिर की पवित्रता को पुनर्जीवित करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की थी।

कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह एक पुरातात्विक स्थल है और इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की अनुमति जरूरी होगी। उन्होंने भक्तों को सुझाव दिया कि वे अन्य मंदिरों में पूजा करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रतिमा को उसी स्थिति में रहने दिया जाएगा।

याचिकाकर्ता की प्रतिक्रिया

याचिकाकर्ता राकेश दलाल ने फैसले पर निराशा जताई और इसे अपनी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने 13 जून को यह याचिका दायर की थी, लेकिन अब उन्हें निराशा हाथ लगी है।

अन्य प्रयास

राकेश दलाल ने पहले भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन सौंपकर मूर्ति के जीर्णोद्धार की मांग की थी। उन्होंने खजुराहो में जागरूकता अभियान और अनशन भी किए थे।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने पुरातात्विक स्थलों की सुरक्षा और धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।