PM मोदी स्लोवाकिया पहुंचे, रॉबर्ट फिको से की मुलाकात; फ्रांस में मैक्रों से हुए थे 13 समझौते

· 1 min read
PM मोदी स्लोवाकिया पहुंचे, रॉबर्ट फिको से की मुलाकात; फ्रांस में मैक्रों से हुए थे 13 समझौते

प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया दौरा: द्विपक्षीय संबंध और समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो देशों के दौरे के दूसरे चरण में स्लोवाकिया पहुंचे। राजधानी ब्रातिस्लावा में उनका पारंपरिक स्लोवाक रीति से ब्रेड और नमक भेंट कर स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय संबंधों और चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए मुलाकात की। इस दौरान स्लोवाकिया में मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों से भी प्रधानमंत्री मिले। स्लोवाकिया में 9,200 से अधिक भारतीय रहते हैं, जो मुख्य रूप से आईटी सेवाओं, डेवलपमेंट सेंटर्स और तकनीकी क्षेत्रों में कार्यरत हैं।

फ्रांस के साथ 13 बड़े समझौते

फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्पेस और शिक्षा सहित 13 बड़े समझौते हुए। दोनों नेताओं ने अगले 5 वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए एक हाई-लेवल सिस्टम और इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग की शुरुआत की। उन्होंने 'भारत इनोवेट्स 2026' प्रोग्राम का भी उद्घाटन किया, जिसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स ने हिस्सा लिया।

राफेल लड़ाकू विमान डील पर चर्चा

भारत और फ्रांस के बीच वायु सेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील पर बातचीत आगे बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी का ध्यान 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने पर है, जिसके तहत दोनों देश मिलकर डिजाइनिंग से लेकर विमान बनाने तक का काम करेंगे। भारत इस सौदे में साझा विकास और उत्पादन के साथ-साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी चाहता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अब 'टेक्नोलॉजी अडॉप्टर' से 'टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर' बन चुका है। भारत और फ्रांस मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एक ओपन सोर्स मॉडल विकसित करने की दिशा में काम कर सकते हैं, जो अमेरिकी निजी कॉर्पोरेट्स या चीनी सरकारी नियंत्रण से अलग होगा।

G7 समिट में भारत की भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी 17 जून को फ्रांस के एवियां में होने वाली G7 समिट में शामिल होंगे। भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन एक महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया जाता है। इस बार समिट के एजेंडे में जियोपॉलिटिक्स क्राइसेस, वैश्विक आर्थिक सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे मुद्दे शामिल हैं।

फ्रांस, रूस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा रक्षा हथियार आपूर्तिकर्ता बन गया है। परमाणु परीक्षण के बाद लगे प्रतिबंधों के बावजूद फ्रांस ने भारत को हथियार बेचना जारी रखा। भारत को फ्रांस से मिराज 2000, राफेल फाइटर जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी जैसे महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण मिले हैं।

Adarsh Chaurasiya