TMC के 20 बागी सांसदों ने NCPI में विलय की घोषणा की, NDA के साथ काम करने का ऐलान

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TMC के 20 बागी सांसदों ने NCPI में विलय की घोषणा की, NDA के साथ काम करने का ऐलान

TMC के 20 बागी सांसदों का NCPI में विलय: 3 साल पहले पति-पत्नी ने बनाई थी यह पार्टी, नारा था- दलबदलू नेताओं को नकारो

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय के बाद यह पार्टी चर्चा में है। रिकॉर्ड के अनुसार, 3 साल पहले 2023 में बंगाल के उत्तिया कुंडू और शेउली कुंडू नामक एक दंपत्ति ने इस पार्टी की स्थापना की थी।

NCPI का नेतृत्व और पहचान

पार्टी के दस्तावेजों के अनुसार, उत्तिया कुंडू NCPI के अध्यक्ष हैं और उनकी पत्नी शेउली कुंडू कोषाध्यक्ष के पद पर हैं। NCPI अध्यक्ष उत्तिया कुंडू ने 13 मई को सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी थी। हावड़ा में NCPI का कार्यालय स्थित है, जहां सोमवार को सुरक्षाबलों की तैनाती देखी गई। कार्यालय के गेट पर उत्तिया कुंडू ने स्वयं को एक बंगाली समाचार पत्र का संपादक और शिक्षक बताया है, जबकि उनकी पत्नी शेउली कुंडू को कलकत्ता उच्च न्यायालय की वकील के रूप में वर्णित किया गया है।

NCPI की चुनावी पृष्ठभूमि

NCPI पश्चिम बंगाल में पंजीकृत है और इसने त्रिपुरा से अपनी चुनावी शुरुआत की थी। 2023 में, पार्टी ने त्रिपुरा विधानसभा चुनावों में चार उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उनके उम्मीदवार या तो 'NOTA' से पीछे रहे या उससे मामूली अधिक वोट प्राप्त कर पाए। पार्टी को कुल मिलाकर लगभग 1,198 वोट मिले थे और चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, इसे ₹1.13 लाख का चंदा प्राप्त हुआ था। NCPI के चुनावी पोस्टरों पर "अपने अधिकारों को बचाने के लिए दलबदलुओं को नकारें" का नारा लिखा हुआ था।

त्रिपुरा चुनाव के बाद पार्टी का गुमनाम होना

एक समाचार एजेंसी के अनुसार, NCPI ने 2023 में त्रिपुरा के चावामानु से बरजेडा त्रिपुरा को अपना उम्मीदवार बनाया था। बरजेडा को 536 वोट मिले थे और वे TMC के बागी सांसदों के साथ विलय की खबर सुनकर हैरान थे। बरजेडा ने बताया कि वे एक दिहाड़ी मजदूर हैं और चुनाव के बाद उनका पार्टी से संपर्क टूट गया था। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, त्रिपुरा के कैलाशहर से NCPI उम्मीदवार रहे जहांगीर अली ने बताया कि 2023 के चुनाव के दौरान शेउली कुंडू कोलकाता से आई थीं और उम्मीदवारों से संपर्क किया था, लेकिन चुनाव के बाद पार्टी ने अपनी गतिविधियां बंद कर दीं और संपर्क भी टूट गया।

बागी TMC सांसदों का NDA के साथ काम करने का एलान

TMC के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने रविवार को त्रिपुरा स्थित नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय की घोषणा की। इन बागी सांसदों ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सदन में उनके लिए अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद, बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि TMC के दो-तिहाई लोकसभा सांसदों ने एक अलग गुट के रूप में मान्यता देने के लिए पत्र सौंपा है। उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष से TMC के बागी सांसदों की मुलाकात की तस्वीरों में 17 TMC सांसद दिखाई दे रहे हैं। स्पीकर से मुलाकात से पहले सांसदों ने बंगाल भाजपा प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ भी बैठक की थी।

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3 सवाल-जवाब में जानिए आगे क्या होगा?

सवाल: बागी सांसदों ने नई पार्टी में विलय का कदम क्यों उठाया?

जवाब: दल-बदल विरोधी कानून से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। बागी गुट के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा है कि वे नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी में विलय कर चुके हैं। नियम के तहत, जब आप पार्टी के 2/3 सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले दिन ही उस पार्टी का नाम नहीं मांग सकते। जुलाई में, वे तृणमूल का नाम हमें देने की मांग करेंगे, क्योंकि उनके पास तृणमूल का 2/3 बहुमत है। फिर अदालत तय करेगी।

सवाल: बागी सांसद अभी क्या करेंगे?

जवाब: बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से TMC के अन्य सांसदों से अलग बैठने की जगह देने की मांग की है। TMC के 28 सांसद हैं, जिनमें से 20 सांसद अलग हो गए हैं। ऐसे में, बागी सांसदों को NDA का समर्थन देने की वजह से सत्तापक्ष के पास बैठने की जगह मिल सकती है।

सवाल: ममता बनर्जी का गुट क्या करेगा?

जवाब: ममता बनर्जी का गुट TMC पर अपना दावा पेश करेगा। राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भेजा और बागी गुट को मान्यता न देने की मांग की है।

Arvind Vishwakarma