सुप्रीम कोर्ट ने व्हिस्की ब्रांड विवाद पर सुनाया अहम फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने फ्रांस की बहुराष्ट्रीय कंपनी पर्नोड रिकार्ड और इंदौर की जेके इंटरप्राइजेज के बीच ट्रेडमार्क विवाद पर फैसला सुनाते हुए कहा कि भारतीय बाजार में दोनों ब्रांड, ब्लेंडर्स प्राइड और लंदन प्राइड, सह-अस्तित्व में रह सकते हैं।
क्या था मामला?
पर्नोड रिकार्ड ने आरोप लगाया था कि जेके इंटरप्राइजेज ने उनके ब्रांडनेम और पैकेजिंग की नकल की है, जिससे उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं। यह मामला पहले वाणिज्यिक अदालत और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चला, जहां दोनों ने जेके इंटरप्राइजेज के पक्ष में फैसला सुनाया।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि "प्राइड" जैसे सामान्य शब्द पर किसी एक कंपनी का विशेष अधिकार नहीं हो सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने भारतीय ट्रेडमार्क कानून में "Post-Sale Confusion" सिद्धांत को पहली बार मान्यता दी।
फैसले का व्यापक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला केवल इस विवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्य क्षेत्रों जैसे फैशन, लग्जरी और ऑटोमोबाइल में भी इसका प्रभाव पड़ेगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सामान्य शब्दों के आधार पर ट्रेडमार्क विवादों में अब ठोस सबूत की आवश्यकता होगी।