स्वतंत्रता दिवस 2026: लाल किले से पहली बार गूंजेगा वंदे मातरम, 150 साल पूरे

· 1 min read
स्वतंत्रता दिवस 2026: लाल किले से पहली बार गूंजेगा वंदे मातरम, 150 साल पूरे

स्वतंत्रता दिवस 2026: लाल किले पर वंदे मातरम का ऐतिहासिक गायन

मुख्य समारोह

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से पहली बार 'वंदे मातरम' का गायन होगा। समारोह की अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद वह देश को संबोधित करेंगे।

युवा शक्ति और 150वीं वर्षगांठ

यह आयोजन राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। इस वर्ष का समारोह विशेष रूप से 'युवा शक्ति' को समर्पित है, जो 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण में युवाओं के योगदान को रेखांकित करेगा।

वंदे मातरम को कानूनी दर्जा

संसद ने हाल ही में 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक' पारित किया है। इस कानून से 'वंदे मातरम' को अपमानजनक कृत्यों से कानूनी सुरक्षा मिली है। राष्ट्रीय गीत को अब राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान कानूनी दर्जा दे दिया गया है।

संसद में राजनीतिक बहस

लोकसभा में चर्चा के दौरान डीएमके ने इस कानून का विरोध किया और आरोप लगाया कि सरकार राष्ट्रीय गीत का उपयोग राजनीतिक लाभ और विभाजन के लिए कर रही है। भारतीय जनता पार्टी ने संशोधन का बचाव करते हुए कहा कि यह कानून सुनिश्चित करेगा कि हर नागरिक बिना संकोच या बाधा के राष्ट्रीय गीत के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त कर सके।

कुल मिलाकर, 150 साल पूरे कर रहे 'वंदे मातरम' का लाल किले से गूंजना एक भावुक क्षण होगा और देश की युवा ऊर्जा तथा सांस्कृतिक स्वाभिमान को नई दिशा देगा।

Amit Pateria