उत्तर प्रदेश में बाढ़: काशी के 100 मंदिर डूबे, घाटों पर जल रहीं चिताएं

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उत्तर प्रदेश में बाढ़: काशी के 100 मंदिर डूबे, घाटों पर जल रहीं चिताएं

उत्तर प्रदेश में बाढ़: वाराणसी के 100 मंदिर डूबे, घाटों पर चिताएं जलाई जा रही हैं

वाराणसी

वाराणसी में सभी 84 घाटों को जोड़ने वाले रास्ते जलमग्न हो गए हैं। 100 से अधिक छोटे मंदिर डूब गए हैं। मणिकर्णिका घाट पर 50 फुट ऊंचे रत्नेश्वर महादेव मंदिर का सिर्फ गुंबद दिख रहा है। हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह स्थल डूब गया है, इसलिए ऊपरी सीढ़ियों पर चिताएं जलाई जा रही हैं। गंगा का जलस्तर 63.62 मीटर है और प्रति घंटे 1 सेमी घट रहा है। काशी विश्वनाथ धाम गंगा द्वार से भक्तों को प्रवेश नहीं मिल रहा है।

नदियां और प्रभावित जिले

पहाड़ों पर हो रही जोरदार बारिश से उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना और शारदा समेत 10 नदियां उफान पर हैं। उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। कॉलोनियों में पानी घुसने से गलियों में नावें चल रही हैं। फर्रुखाबाद और बिजनौर के 45 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। फर्रुखाबाद के दिलीप की मड़ैया गांव में गंगा कटान से अब तक 31 मकान नदी में समा चुके हैं।

अन्य शहरों में हालात

मथुरा और आगरा में यमुना का पानी घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। वृंदावन में केशीघाट का परिक्रमा मार्ग जलमग्न है। सहारनपुर में शाहपुर गाड़ा नदी का पुल डूबने के बावजूद लोग तेज बहाव में नदी पार कर रहे हैं। लखीमपुर-खीरी में शारदा नदी के कटान से करीब 70 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है।

मौसम और चेतावनी

बुधवार सुबह लखनऊ और बाराबंकी समेत 15 शहरों में बादल छाए रहे, बाद में धूप निकल आई। 28 जिलों में बारिश का अलर्ट है। सोनभद्र में भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने हापुड़, बदायूं, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, बलरामपुर, बाराबंकी, अयोध्या, गोरखपुर, कुशीनगर, बलिया, कौशांबी, औरैया, मथुरा और वाराणसी समेत 16 जिलों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। मंगलवार को मेरठ, संभल, बिजनौर और मुजफ्फरनगर समेत 10 शहरों में जोरदार बारिश हुई थी। बिजनौर की सड़कों पर 2-3 फीट तक जलभराव देखा गया।

L. N. Bhargava