वंदे मातरम विवाद बेवजह, इस्कॉन ड्रेस कोड उचित: वीएचपी प्रवक्ता
विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता श्रीराज नायर ने वंदे मातरम को लेकर शुरू की गई पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम देशवासियों के लिए प्रेरणादायक उद्घोष था और उस समय इसे लेकर कोई विवाद नहीं था।
वंदे मातरम पर वीएचपी प्रवक्ता का रुख
श्रीराज नायर ने कहा कि बाद के वर्षों में कुछ राजनीतिक दलों ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते वंदे मातरम को विवाद का विषय बनाने की कोशिश की। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों पर एक विशेष समुदाय को डराने या भ्रमित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
नायर ने कहा कि वंदे मातरम देश की स्वतंत्रता की लड़ाई से जुड़ा है और इसे लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में इस पहल का होना स्वागत योग्य है, हालांकि इतने वर्षों बाद किए जाने को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
इस्कॉन मंदिरों में ड्रेस कोड पर समर्थन
श्रीराज नायर ने इस्कॉन मंदिरों में ड्रेस कोड लागू किए जाने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मंदिर एक धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल है, इसलिए प्रवेश के समय सभ्य और मर्यादित वस्त्र पहनना उचित है। किसी भी धार्मिक संस्था को अपनी आंतरिक नियमावली बनाने का अधिकार है और यह इस्कॉन के अधिकार क्षेत्र में आता है।
प्रकाश राज के वोटरलिस्ट दावे पर सवाल
नायर ने अभिनेता प्रकाश राज के वोटरलिस्ट से नाम हटाए जाने के दावे पर सवाल उठाया और इसे सुर्खियों में बने रहने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि प्रकाश राज लगातार भाजपा, हिंदुत्व और हिंदू धार्मिक परंपराओं को लेकर टिप्पणी करते रहे हैं और उनका व्यवहार एकतरफा है। यदि मतदाता सूची में गड़बड़ी है तो संबंधित व्यक्ति को चुनावी अधिकारियों के सामने शिकायत रखनी चाहिए, क्योंकि इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया मौजूद है।
L. N. Bhargava