तेज प्रताप यादव ने बताया जान का खतरा, पूर्व प्रवक्ता पर केस, सुरक्षा की मांग

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तेज प्रताप यादव ने बताया जान का खतरा, पूर्व प्रवक्ता पर केस, सुरक्षा की मांग

तेज प्रताप यादव ने जान से मारने की धमकी का आरोप लगाकर दर्ज कराया केस

जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपनी जान को खतरा बताया है। उन्होंने पटना के सचिवालय थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी ही पार्टी के पूर्व प्रवक्ता संतोष रेणु यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पूर्व प्रवक्ता के खिलाफ थाने में मामला दर्ज

तेज प्रताप यादव ने सचिवालय थाने में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया कि संतोष रेणु यादव पार्टी की विचारधारा से अलग काम कर रहे हैं, उन्हें धमका रहे हैं और मानसिक रूप से उत्पीड़न कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानेदार के अनुसार, आरोपों की सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

पार्टी से हटाने के बाद बढ़ा विवाद

संतोष रेणु यादव पहले जेजेडी के प्रवक्ता थे, लेकिन कुछ समय पूर्व तेज प्रताप यादव ने उन्हें इस पद से हटा दिया था। इसके बाद संतोष रेणु ने जेजेडी से इस्तीफा दे दिया। तेज प्रताप ने उन पर बिहार पुलिस बहाली में दलाली करने के आरोप लगाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की थी।

इन घटनाओं के बाद दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई। तेज प्रताप यादव ने संतोष रेणु को कानूनी नोटिस भेजा, जिसके जवाब में संतोष ने उन पर जातिवादी राजनीति करने और कार्यकर्ताओं का अपमान करने के आरोप लगाए। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि तेज प्रताप पैसे और सत्ता के घमंड में आ गए हैं।

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से सुरक्षा की मांग

रिपोर्ट्स के अनुसार, तेज प्रताप यादव ने बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा कि उन्हें संतोष रेणु यादव से लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस हो रहा है। इसी सिलसिले में उन्होंने राज्य सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की गुहार लगाई है।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने तेज प्रताप यादव की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। अब जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। इस विवाद ने जेजेडी के भीतर चल रहे मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया है और मामले पर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

Pushpendra Chaubey