थलापति विजय का तमिलनाडु की राजनीति में दबदबा: 107 सीटों पर जीत दर्ज कर बनाई 50 साल पुरानी मिसाल
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने साबित कर दिया है कि थलापति विजय सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं, बल्कि चुनावी मैदान में भी किंगमेकर बन गए हैं। उनके नेतृत्व वाली पार्टी, तमिल विडुथलाई कज़गम (TVK), ने 107 सीटों पर जीत दर्ज की है, जो सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (DMK) और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (AIADMK) जैसी दिग्गज पार्टियों को कड़ी टक्कर दे रही है। इस अभूतपूर्व प्रदर्शन के साथ, थलापति विजय के तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बनने की अटकलें तेज हो गई हैं।
MGR के स्वर्णिम अतीत की यादें ताज़ा
थलापति विजय की इस शानदार जीत की तुलना राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और महान अभिनेता एम.जी. रामचंद्रन (MGR) के राजनीतिक सफर से की जा रही है। दोनों ही फिल्म जगत के सुपरस्टार रहे हैं और राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। MGR ने 1969 में एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया था जो करीब चार दशकों तक कायम रहा। उनकी निर्देशित और अभिनीत फिल्म 'अदिमाई पेन' ने तमिल सिनेमा के इतिहास में सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल की थी।
MGR के रिकॉर्ड को तोड़ने वाले विजय
बॉक्स ऑफिस पर MGR के इस रिकॉर्ड को तोड़ने में लगभग 35 साल लगे। थलापति विजय ने 2004 में अपनी फिल्म 'घिल्ली' के साथ यह उपलब्धि हासिल की। यह फिल्म महेश बाबू की तेलुगु ब्लॉकबस्टर 'ओक्कडू' का तमिल रीमेक थी और 200 दिनों से अधिक समय तक सिनेमाघरों में चली। रिपोर्ट्स के अनुसार, 'घिल्ली' ने ₹500 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था, जो किसी भी तमिल फिल्म के लिए एक नया कीर्तिमान था। उस समय विजय मात्र 29 वर्ष के थे।
एम.जी. रामचंद्रन ने 1972 में DMK से अलग होकर AIADMK की स्थापना की और मुख्यमंत्री बने। शुरुआत में कई राजनीतिक दलों को उनकी पार्टी के टिक पाने पर संदेह था, लेकिन अपनी स्टारडम और लोकप्रियता की बदौलत उन्होंने राजनीति में बंपर जीत हासिल की और तीन कार्यकाल तक सत्ता पर काबिज रहे। थलापति विजय भी अब इसी राह पर चलते दिख रहे हैं। उनकी पार्टी TVK को स्थापित हुए महज दो साल हुए हैं, और बिना किसी गठबंधन या मजबूत वोट बैंक के, उन्होंने राजनीति में एक असाधारण शुरुआत की है, जो MGR के इतिहास को दोहराती हुई प्रतीत होती है।
Amit Pateria