विजय आज तमिलनाडु CM की शपथ लेंगे: 60 साल बाद गैर द्रविड़ दल का सीएम; TVK का कांग्रेस सहित 5 पार्टियों से गठबंधन
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री होंगे सी. जोसेफ विजय
तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी. जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री होंगे। विजय आज सुबह 10 बजे चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शपथ ग्रहण में शामिल होंगे।
विजय ने शनिवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को TVK, कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML के 121 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया।
TVK का अभूतपूर्व प्रदर्शन
विजय की दो साल पुरानी पार्टी TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतकर बड़ा रिकॉर्ड बनाया। सहयोगी दलों के समर्थन के बाद विजय के पास 121 विधायकों का समर्थन है। बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है।
60 साल बाद गैर-द्रविड़ सीएम
तमिलनाडु में 1967 के बाद यानी करीब 60 साल बाद गैर-द्रविड़ दल का सीएम होगा। इससे पहले 1963-1967 तक कांग्रेस सरकार में एम. भक्तवत्सलम मुख्यमंत्री थे।
विजय के फैंस संगठन का इतिहास
विजय के फैंस संगठन का नाम विजय मक्कल यक्कम (VMI) है। फरवरी 2024 में जब विजय ने पार्टी की घोषणा की, तो VMI के जिला स्तर के पदाधिकारी ही टीवीके (TVK) के पदाधिकारी बने। उन्होंने ही 2026 के चुनावों में पार्टी की कमान संभाली।
विजय के छोटे-छोटे 85 हजार फैंस क्लब थे। इसे 2009 में मिलाकर विजय मक्कल यक्कम (VMI) बनाया गया। तमिलनाडु के विक्रविंडी में पहली रैली में फैन क्लब ने 8 लाख लोगों की भीड़ जुटाई।
अभिनेताओं के फैन क्लब से राजनीतिक सफर
तमिल सिनेमा में 'रसिगर मंद्रम' यानी फैन क्लब्स का कॉन्सेप्ट 1960 के दशक से ही खूब पॉपुलर रहा है। भारत के पहले एक्टर मुख्यमंत्री, तमिलनाडु के पॉलिटिकल आइकॉन मरुथुर गोपालन रामचंद्रन (MGR) अपने फैन क्लब्स को पॉलिटिकल सपोर्ट में बदलकर ही शिखर पर पहुंचे थे।
चिरंजीवी ने अपने फैन क्लब्स को ही अपनी राजनीतिक पार्टी प्रजा राज्यम पार्टी में बदला था। इसी फॉर्मूले पर पवन कल्याण ने अपने फैन क्लब्स के आधार पर जन सेना पार्टी बनाई और आज आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं। तमिल सिनेमा में MGR और जयललिता के बाद सुपरस्टार विजयकांत ही कुछ हद तक इस फॉर्मूले को पॉलिटिकल पावर बनाने में कामयाब हुए थे।
DMK-AIADMK के प्रभुत्व का अंत
तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनने वाली है।
1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार सत्ता हासिल की थी। 1972 में एमजी रामचंद्रन (MGR) ने DMK से अलग होकर AIADMK बनाई और तब से दोनों दल बारी-बारी से सत्ता में आते रहे।
इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, PMK, DMDK जैसी कई पार्टियां उभरीं, लेकिन कोई भी DMK-AIADMK के प्रभुत्व को खत्म नहीं कर पाई।
इस तरह पिछले करीब 59 सालों से तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। 59 सालों बाद कोई तीसरी पार्टी की सरकार बनी है।
चुनाव परिणाम और विभिन्न दलों का प्रदर्शन
TVK का दबदबा
विजय की पार्टी TVK ने हर इलाके में सीटें जीतीं। 234 में से 108 सीटें जीतकर 46% के साथ सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। सबसे अधिक दबदबा उत्तर और तटीय इलाकों में रहा। मध्य तमिलनाडु में भी उसे खूब सीटें मिलीं।
DMK और AIADMK का प्रदर्शन
DMK ने ज्यादातर सीटें दक्षिणी इलाकों में जीतीं। AIADMK को अधिकतर सीटें उत्तर-मध्य क्षेत्र में मिलीं। DMK ने 164 में 59 सीटें जीतकर 36% और AIADMK ने 170 में 47 सीटों के साथ 27.6% स्ट्राइक रेट दर्ज किया।
अन्य दलों का प्रदर्शन
कांग्रेस 28 में 5 सीटें जीतकर 17.8% पर रही। BJP का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। पार्टी 27 सीटों पर लड़कर सिर्फ 1 सीट जीत सकी और उसका स्ट्राइक रेट मात्र 3.4% रहा। पूर्व CM एमके स्टालिन समेत 34 मंत्रियों में से 15 मंत्री हार गए। हालांकि, स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन जीत गए।
सरकार गठन की प्रक्रिया
4 मई: रिजल्ट में TVK 108 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के रिजल्ट आए, जिसमें विजय की पार्टी ने कुल 234 सीटों में से सबसे ज्यादा 108 सीटें जीतीं। DMK को 59 और AIADMK को 47 सीटें मिलीं। छोटे-छोटे दल और अन्य को 20 सीटें मिलीं। सरकार बनाने के लिए 118 का बहुमत किसी को नहीं मिला।
5 मई: कांग्रेस का समर्थन, विधायक 113 हुए
कांग्रेस ने DMK से गठबंधन तोड़कर TVK को समर्थन देने का ऐलान किया। कांग्रेस नेताओं ने TVK के दफ्तर पहुंचकर विजय को समर्थन पत्र सौंपा। इस तरह विधायकों की संख्या 113 हो गई। लेकिन अब भी बहुमत से 5 विधायकों की संख्या कम थी।
6 मई: गवर्नर से मिले, लेकिन बहुमत नहीं
एक्टर विजय गवर्नर के पास सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए गए, लेकिन गवर्नर ने बहुमत की संख्या पूरी न होने की वजह से उन्हें लौटा दिया।
7 मई: लेफ्ट का साथ मिला, 117 विधायक हुए
लेफ्ट पार्टियों CPI और CPI(M) ने अपने 2-2 विधायकों के साथ TVK को समर्थन देने का ऐलान किया। विजय ने राज्यपाल से लगातार दूसरे दिन मुलाकात की। राज्यपाल ने फिर 118 विधायकों का समर्थन दिखाने को कहा। विजय थोड़ा समय मांगकर वापस लौट गए।
8 मई: VCK का समर्थन, शाम को इनकार
विजय की पार्टी TVK ने VCK से समर्थन मिलने का दावा किया। शाम को विजय लगातार तीसरे दिन फिर गवर्नर के पास पहुंचे, लेकिन देर रात तक VCK ने समर्थन देने की पुष्टि नहीं की। मामला फंस गया। शपथ फिर टल गई।
9 मई: IUML-VCK का साथ मिला, विधायक 121 हुए
IUML और VCK ने TVK को समर्थन दिया। दोनों पार्टियां पहले समर्थन देने से इनकार कर रही थीं। इसके कारण 7 मई और 9 मई को विजय की शपथ टल गई थी। विजय के हजारों फैन चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम से निराश लौट गए थे। इनके समर्थन से अब विधायकों की संख्या 121 हो गई है। बहुमत 118 से 3 ज्यादा।
Lokendra Mishra