ट्रम्प का UNGA में भाषण: वैश्विक मुद्दों पर तीखी टिप्पणी
भाषण की शुरुआत और तकनीकी बाधा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया। भाषण की शुरुआत में उन्होंने टेलीप्रॉम्प्टर के काम न करने की बात कही, लेकिन इसे दिल से बात करने का मौका बताया।
भाषण के प्रमुख मुद्दे
ट्रम्प ने अपने भाषण में रूस-यूक्रेन जंग, गाजा युद्ध और वैश्विक संगठनों की कार्यशैली समेत छह प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र पर आरोप लगाया कि वह पश्चिमी देशों और उनकी सीमाओं पर हमलों के लिए धन मुहैया करा रहा है।
रूस-यूक्रेन जंग पर टिप्पणी
ट्रम्प ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि यह जंग जल्दी खत्म हो जाएगी, लेकिन यह कठिन होती जा रही है। उन्होंने यूरोपीय देशों को रूस से तेल और गैस खरीदने पर आलोचना की और इसे जंग रोकने में बाधक बताया।
गाजा युद्ध और फिलिस्तीन पर बयान
फिलिस्तीन के संदर्भ में ट्रम्प ने कहा कि कुछ लोग एकतरफा तरीके से इसे मान्यता देना चाहते हैं, लेकिन ऐसा करना हमास को इनाम देने जैसा होगा। उन्होंने फिलिस्तीन को लेकर अमेरिका की कड़ी नीति का बचाव किया।
वैश्विक संगठनों पर आलोचना
ट्रम्प ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संगठनों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं ग्लोबल ऑर्डर को नुकसान पहुंचा रही हैं।
भविष्य की योजनाएं
भाषण के बाद ट्रम्प UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और कई देशों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, वे मध्य-पूर्व और अन्य क्षेत्रों की स्थिति पर चर्चा करेंगे।
ट्रम्प का भाषण वैश्विक राजनीति और अमेरिकी दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है। आने वाले दिनों में उनके विचारों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर देखने को मिलेगा।