डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार जीतने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में खुद को नोबेल शांति पुरस्कार का दावेदार बताया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी यह संभावना लगभग शून्य है।
गाजा में शांति के दावे
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने गाजा में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इतिहास में किसी ने नौ महीनों में आठ युद्धों को समाप्त नहीं किया है, जबकि उन्होंने ऐसा कर दिखाया है।
विशेषज्ञों की राय
एक विशेषज्ञ ने एएफपी को बताया कि नोबेल कमेटी ने पहले ही चयन प्रक्रिया को बंद कर दिया है, जिससे ट्रंप की जीत की संभावना खत्म हो गई है।
2020 में भी जताई थी निराशा
2020 में ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार को "दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार" कहा था। लेकिन जब उन्हें यह पुरस्कार नहीं मिला, तो उन्होंने प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया था।
वैश्विक संघर्षों पर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने विभिन्न देशों के बीच संघर्षों को समाप्त करने का दावा किया, जिसमें इजरायल और ईरान, भारत और पाकिस्तान (जिसे भारत ने खारिज किया), कांगो और रवांडा, कंबोडिया और थाईलैंड, और अन्य देशों के विवाद शामिल थे।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह दावा उन्हें नोबेल पुरस्कार दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष का नोबेल शांति पुरस्कार जापानी संगठन निहोन हिडांक्यो को दिया गया था, जो परमाणु हथियार मुक्त विश्व की वकालत करता है।