डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को दी शांति समझौते की आखिरी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को हमास को रविवार शाम तक शांति समझौते पर सहमत होने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर हमास ऐसा नहीं करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा कि यह समझौता मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने का एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसे गवारा न करना हमास के लिए भारी पड़ेगा।
हमास के खिलाफ सख्त चेतावनी
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि अगर रविवार शाम तक समझौता नहीं हुआ, तो हमास के खिलाफ ऐसे हमले होंगे, जो पहले कभी नहीं देखे गए। उन्होंने 7 अक्टूबर के हमास हमलों को सभ्यता पर हमला करार दिया, जिसमें इजरायली नागरिकों को निशाना बनाया गया। ट्रंप ने दावा किया कि 25,000 से अधिक हमास लड़ाके पहले ही मारे जा चुके हैं और शेष घेराबंदी में हैं।
शांति समझौते में प्रमुख शर्तें
ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर एक 20-सूत्रीय शांति योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत, हमास को बंधक बनाए गए सभी लोगों को रिहा करना होगा और गाजा में भविष्य में उसकी कोई भूमिका नहीं होगी। इसके बदले, इजरायल लगभग 2,000 कैदियों को रिहा करेगा और गाजा पर कब्जा नहीं करेगा।
अंतर्राष्ट्रीय समर्थन और दबाव
इस समझौते को अमेरिका और मिडिल ईस्ट के अन्य सहयोगियों का समर्थन प्राप्त है। अरब और मुस्लिम देशों के नेता भी हमास पर इस प्रस्ताव को स्वीकार करने का दबाव बना रहे हैं। उनका मानना है कि गाजा में मानवीय संकट को रोकने के लिए इस योजना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मध्य पूर्व में शांति की उम्मीद
ट्रंप ने कहा कि यह समझौता मध्य पूर्व में शांति के लिए एक ऐतिहासिक कदम हो सकता है। उन्होंने निर्दोष फिलिस्तीनियों से गाजा के सुरक्षित क्षेत्रों में जाने का आग्रह किया। अब यह देखना होगा कि रविवार शाम तक हमास इस प्रस्ताव पर सहमति जताता है या नहीं।