दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीख घोषित, 30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को नतीजे
चुनाव कार्यक्रम जारी: 6 जुलाई को अधिसूचना, 16 जुलाई तक नाम वापसी
चुनाव आयोग ने दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। अधिसूचना 6 जुलाई को जारी होगी, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई होगी। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 16 जुलाई तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना के साथ नतीजे घोषित किए जाएंगे। निर्वाचन प्रक्रिया 4 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी। आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
उपचुनाव का कारण: कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दो साल से अधिक की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस बनाम भारत संघ फैसले और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत की गई। यह मामला 1998 के दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा था, जिसमें उन्हें 1 अप्रैल 2026 को दोषी ठहराया गया और 2 अप्रैल 2026 को 3 साल की सजा सुनाई गई।
प्रमुख दावेदार और चुनावी रणनीति
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के चुनाव लड़ने की लगभग पुष्टि है। वे डैमेज कंट्रोल मोड में हैं और सामाजिक सम्मेलनों के जरिए कार्यकर्ताओं व समुदायों को साधने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वे दतिया के लिए बड़ी सरकारी घोषणा की तैयारी में हैं।
कांग्रेस में टिकट को लेकर खींचतान है। अयोग्य घोषित राजेंद्र भारती अपने बेटे अनुज भारती के लिए टिकट की पैरवी कर रहे हैं, जबकि पिछले चुनाव से पहले बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में आए अवधेश नायक भी दावेदार हैं। पूर्व विधायक घनश्याम सिंह के समर्थक भी सक्रिय हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक दांगी का कहना है कि टिकट सर्वे के आधार पर तय होगा।
आजाद समाज पार्टी (एएसपी) की ओर से दामोदर यादव उम्मीदवार होंगे। वे संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं और उनका दावा है कि बसपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता उनके साथ आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी मजबूत मौजूदगी कांग्रेस के वोट बैंक को प्रभावित कर सकती है।
जातिगत समीकरणों का प्रभाव
वरिष्ठ पत्रकार रवि ठाकुर के अनुसार, उपचुनाव में जातिगत समीकरण निर्णायक रहेंगे। यादव वोट (18 हजार) इस बार दामोदर यादव की मौजूदगी से बंट सकते हैं, जिससे कांग्रेस का वोट बैंक प्रभावित होगा। कुशवाहा वोट (37 हजार) दो धड़ों में बंटा है और यदि कोई सजातीय उम्मीदवार आता है तो कांग्रेस को अधिक नुकसान हो सकता है। ब्राह्मण वोट (35 हजार) का बड़ा हिस्सा नरोत्तम मिश्रा के साथ रहने की संभावना है, भले ही कांग्रेस किसी ब्राह्मण को टिकट दे।
Janmejay Chaturvedi