मिशन 360: भाजपा 41 सांसदों की जुगत में, DMK-NCP-सपा पर नजर

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मिशन 360: भाजपा 41 सांसदों की जुगत में, DMK-NCP-सपा पर नजर

भाजपा का 'मिशन 360': संसद में दो-तिहाई बहुमत के लिए जुटाई जा रही ताकत

भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए 'मिशन 360' पर काम कर रहे हैं। लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक पर अपेक्षित समर्थन न मिलने के बाद पार्टी ने इस रणनीति को तेज कर दिया है। 'एक देश-एक चुनाव' और न्यायिक सुधारों जैसे बड़े संवैधानिक बदलावों के लिए आवश्यक 'सुपर मेजोरिटी' प्राप्त करना भाजपा का मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए पार्टी विपक्षी दलों में टूट, नए सहयोगियों को जोड़ने और मतदान के दौरान विपक्ष की अनुपस्थिति जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है। इस लक्ष्य को संसद के मानसून सत्र तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है।

लोकसभा का गणित और वर्तमान स्थिति

हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों, जैसे कि टीएमसी के 20 सांसदों का एनडीए को समर्थन करना और शिवसेना (उद्धव) के 6 सांसदों का शिंदे गुट में शामिल होना, ने इस दिशा में पार्टी के प्रयासों को बल दिया है। इन जोड़-तोड़ के बावजूद, दो-तिहाई बहुमत के लिए पार्टी को अभी भी 41 अतिरिक्त सांसदों की आवश्यकता है। भाजपा की निगाहें अब समाजवादी पार्टी (सपा), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK), और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP - शरद गुट) जैसे दलों पर टिकी हुई हैं। महाराष्ट्र भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया है कि शरद पवार के 8 लोकसभा सांसदों में से सुप्रिया सुले को छोड़कर बाकी 7 भाजपा के साथ हैं, हालांकि सरकार सभी दलों से बातचीत कर रही है।

केंद्र सरकार का फोकस: मतदान में विपक्षी अनुपस्थिति

केंद्र सरकार का एक प्रमुख फोकस यह सुनिश्चित करना भी है कि महत्वपूर्ण विधेयकों पर मतदान के समय कम से कम 61 विपक्षी सांसद अनुपस्थित रहें, जिससे दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा प्राप्त करना आसान हो सके।

परिसीमन के लिए महिला आरक्षण का नुस्खा

सुप्रीम कोर्ट के वकील चिराग गुप्ता और राज्यसभा के पूर्व महासचिव विवेक अग्निहोत्री के अनुसार, परिसीमन जैसे मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए महिला आरक्षण को एक ऐसे रास्ते के रूप में देखा जा रहा है जो समर्थन जुटाने में मदद कर सकता है।

महाराष्ट्र में NCP (शरद गुट) की विलय चर्चा

महाराष्ट्र में, NCP (शरद गुट) कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए दोनों से बातचीत के लिए तैयार है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के 8 लोकसभा सांसद और 10 विधायक पार्टी के भविष्य को लेकर विभाजित हैं। कुछ सांसद और विधायक एनडीए में शामिल होने के पक्ष में हैं, जबकि अन्य कांग्रेस के साथ विलय चाहते हैं। शरद पवार कांग्रेस में विलय के लिए सुप्रिया सुले को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की शर्त पर ही विचार कर सकते हैं, जिसमें महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद पर पवार समर्थक, सुप्रिया सुले को कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाना और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में पर्याप्त प्रतिनिधित्व जैसी मांगें शामिल हैं। दूसरी ओर, एक प्रभावशाली धड़ा भाजपा और एनडीए के साथ जाने का समर्थक है। इन वार्ताओं में सुप्रिया सुले के लिए केंद्रीय मंत्री पद और पवार समर्थकों के लिए दो मंत्री पदों की चर्चा भी शामिल होने का दावा किया गया है, हालांकि किसी भी पक्ष ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

शिवसेना (उद्धव गुट) को कार्यालय खाली करना पड़ सकता है

शिवसेना (UBT) को संसद भवन में अपना वर्तमान कार्यालय खाली करना पड़ सकता है, क्योंकि संसद भवन के नियमों के अनुसार, केवल 5 या उससे अधिक सांसदों वाली पार्टियों को ही कार्यालय आवंटित किया जाता है। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा छह सांसदों के शिंदे गुट में विलय को औपचारिक मान्यता देने के बाद यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

लोकसभा सीटें बढ़ाने का बिल 54 वोटों से गिरा

17 अप्रैल को, केंद्र सरकार लोकसभा में सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान वाला संविधान का 131वां संशोधन बिल पारित कराने में विफल रही। बिल को पास कराने के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी, लेकिन इसे केवल 298 वोट मिले, और यह 54 वोटों से गिर गया।

Navjeet Kaur