उज्जैन में फर्जी डॉक्टर का अस्पताल सील

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उज्जैन में  फर्जी डॉक्टर  का अस्पताल  सील

उज्जैन में फर्जी डॉक्टर का अस्पताल सील

उज्जैन में एक नवजात की मौत के मामले में संलिप्त फर्जी डॉक्टर तैयबा के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके निजी अस्पताल को सील कर दिया। यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई, जिसमें डॉक्टर तैयबा पर गर्भवती महिला के इलाज में लापरवाही का आरोप लगा था, जिसके कारण नवजात की मौत हो गई।

घटना का विवरण

2 अक्टूबर को चिंतामन क्षेत्र के निवासी लखन मालवीय की पत्नी काजल को प्रसव पीड़ा होने पर डॉक्टर तैयबा के मक्सी रोड स्थित पंवासा क्षेत्र के आशीर्वाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान काजल को खून की बोतल लगाई गई और दिनभर उपचार चलता रहा।

हालांकि, काजल की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर तैयबा ने उसे पाटीदार ब्रिज के पास स्थित अपने दूसरे अस्पताल में ले जाया। वहां पहुंचने के बाद डॉक्टर तैयबा काजल और उसके परिजनों को छोड़कर भाग गईं। इसके बाद काजल को परिजन एसएन कृष्णा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी नॉर्मल डिलीवरी हुई, लेकिन नवजात की मौत हो गई।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

इस घटना के बाद 3 अक्टूबर को डॉक्टर तैयबा के आशीर्वाद अस्पताल को पहली बार सील कर दिया गया। इसके बाद 6 अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने काजल के इलाज से संबंधित जानकारी की जांच की और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट के आधार पर, शुक्रवार को फ्रीगंज स्थित विशेष अस्पताल को भी सील कर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. विक्रम रघुवंशी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया है। फिलहाल अस्पताल को 15 दिनों के लिए सील किया गया है।

परिजनों की मांग

मृत नवजात के परिजनों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि डॉक्टर तैयबा की लापरवाही के कारण उनकी संतान की जान गई है।

निष्कर्ष

स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी डॉक्टर तैयबा के खिलाफ कार्रवाई कर अस्पताल को सील कर दिया है। यह घटना चिकित्सा क्षेत्र में अनियमितताओं और फर्जी डॉक्टरों की समस्या पर एक गंभीर सवाल उठाती है।