उज्जैन में सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया विकास कार्यों का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को उज्जैन का दौरा किया और विभिन्न विकासात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सबसे पहले उन्हेल में 133 करोड़ रुपए से अधिक के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेशनाथ, विधायक सतीश मालवीय और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
अवंतिका कॉलेज और कालिदास अकादमी में कार्यक्रम
उन्हेल के बाद मुख्यमंत्री अवंतिका कॉलेज पहुंचे और वहां चल रहे कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके बाद कालिदास अकादमी में दिव्यांगजनों को 75 गाड़ियां वितरित की गईं। सीएम ने इस कार्यक्रम के दौरान बताया कि यह वितरण प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बारिश के कारण टल गया था, जिसे अब पूरा किया गया है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मुक्ति वाहन भी प्रदान किए गए।
विक्रम विश्वविद्यालय का नाम बदला
डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय का नाम बदलकर सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय करने की घोषणा के तहत पट्टिका का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने विश्वविद्यालय के दिनों को याद किया और कहा कि विक्रमादित्य का नाम गौरव और वैभव का प्रतीक है।
किसानों और युवाओं के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों को लेकर राज्य सरकार द्वारा लागू की गई भावांतर योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों को घर बैठे लाभ मिलेगा। गंभीर नदी परियोजना का लाभ भी उन्हेल क्षेत्र के किसानों को मिलेगा।
करवा चौथ की शुभकामनाएं
सीएम ने करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और इस त्योहार को भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि भारत में 365 दिन में 700 त्योहारों का आनंद लिया जाता है।
भविष्य के विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने उन्हेल-इंगोरिया टू लेन मार्ग के निर्माण की भी घोषणा की और इसे क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार क्षेत्र के विकास के लिए प्रयासरत है।
इस दौरे में मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के कठिन समय को भी याद किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने इस कठिन समय में सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख किया और इसे चुनौतीपूर्ण लेकिन शिक्षाप्रद बताया।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री का यह दौरा विकास कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जनता के साथ संवाद स्थापित करने का प्रमाण है। उज्जैन क्षेत्र में इन विकासात्मक कदमों से निश्चित रूप से नागरिकों को लाभ होगा।