उज्जैन में प्रधानमंत्री सड़क योजना की मरम्मत पर भ्रष्टाचार के आरोप
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनी सड़क की हालिया मरम्मत कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों द्वारा सड़क का डामर हाथ से आसानी से उखाड़ते हुए वीडियो सामने आने के बाद मरम्मत की गुणवत्ता और कथित भ्रष्टाचार पर विवाद तेज हो गया है।
ग्रामीणों ने हाथ से उखाड़ा डामर, वीडियो वायरल
यह सड़क बड़नगर मुख्य मार्ग से ग्राम पीपलू और ग्राम दोतरू को जोड़ती है, जिसकी लंबाई लगभग साढ़े पांच किलोमीटर बताई गई है। हाल ही में ठेकेदार द्वारा इस सड़क की मरम्मत कराई गई थी। वायरल वीडियो में ग्रामीणों को मरम्मत की गई सड़क की डामर परत को अपने हाथों से आसानी से उखाड़ते हुए देखा जा सकता है। इस दृश्य के आधार पर ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत में घटिया सामग्री के उपयोग और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
सांसद अनिल फिरोजिया ने जताई कड़ी नाराजगी
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय सांसद अनिल फिरोजिया ने मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी सड़क निर्माण और मरम्मत में गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया था। उनके अनुसार, सरकार से सड़क निर्माण के लिए एक बार राशि मिलती है और पुनः मरम्मत के लिए धनराशि करीब पांच वर्ष बाद उपलब्ध होती है, इसलिए पहली बार में ही गुणवत्तापूर्ण काम होना आवश्यक है।
सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी “लीपापोती” वाली सड़कें बिल्कुल स्वीकार्य नहीं होंगी और केवल गुणवत्तापूर्ण सड़कें ही मान्य होंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और गलतियां पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक जांच और ठेकेदार पर कार्रवाई के संकेत
सांसद के निर्देशों के बाद कलेक्टर ने बड़नगर तहसील के संबंधित गांवों में हुए सड़क मरम्मत कार्य की जांच कराने की बात कही है। कलेक्टर ने यह भी संकेत दिया कि जांच में गड़बड़ी साबित होने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व सरपंच ने लगाए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप
ग्राम दोतरू के पूर्व सरपंच दशरथ जायसवाल ने बताया कि बड़नगर मुख्य मार्ग से पीपलू और दोतरू को जोड़ने वाली इस सड़क का मरम्मत कार्य प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत कराया गया है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि मरम्मत कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है और सड़क की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है।
मामले पर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा
सड़क की स्थिति और सामने आए वीडियो ने स्थानीय निवासियों में नाराजगी पैदा कर दी है। अब पूरा मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है और ग्रामीणों सहित स्थानीय प्रतिनिधि ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भ्रष्टाचार के आरोप किस हद तक सही हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे।
Adarsh Chaurasiya