फ्लोरिडा में ट्रम्प-जेलेंस्की मुलाकात, यूक्रेन युद्ध पर समझौते के करीब पहुंचने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो रिसॉर्ट में तीन घंटे लंबी बैठक के बाद दावा किया कि वे यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने के समझौते के काफी करीब पहुंच गए हैं। हालांकि, पूर्वी यूक्रेन के विवादित डोनबास क्षेत्र का भविष्य अभी भी बड़ा अनसुलझा मुद्दा बना हुआ है और किसी अंतिम फार्मूले की घोषणा नहीं की गई।
सुरक्षा गारंटी पर प्रगति, लेकिन डोनबास पर अभी भी मतभेद
बैठक के बाद दोनों नेताओं ने यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी और डोनबास क्षेत्र के बंटवारे पर प्रगति का दावा किया, लेकिन न तो कोई ठोस विवरण साझा किया और न ही समझौते की समय सीमा बताई। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर समझौता हो चुका है, जबकि ट्रम्प के मुताबिक इस मुद्दे पर 95% सहमति बन चुकी है और इस व्यवस्था में यूरोपीय देश बड़ा हिस्सा संभालेंगे, अमेरिका उनका समर्थन करेगा।
डोनबास क्षेत्र को लेकर रूस और यूक्रेन के बीच विवाद जारी है। रूस पूरे डोनबास पर कब्जा चाहता है, जबकि यूक्रेन इसे छोड़ने के पक्ष में नहीं है। ट्रम्प और जेलेंस्की दोनों ने स्वीकार किया कि डोनबास का भविष्य अब तक तय नहीं हुआ है, लेकिन ट्रम्प ने कहा कि इस पर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
फ्रांस की पुष्टि और फ्री इकोनॉमिक जोन का प्रस्ताव
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सुरक्षा गारंटी पर हुई प्रगति की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ के देश जनवरी की शुरुआत में पेरिस में मिलकर इस फैसले को अंतिम रूप देंगे।
अमेरिका ने एक प्रस्ताव रखा है कि यदि यूक्रेन डोनबास क्षेत्र छोड़ देता है, तो वहां एक फ्री इकोनॉमिक जोन बनाया जा सकता है। हालांकि, इस व्यवस्था के व्यावहारिक तौर पर कैसे काम करने को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है। ट्रम्प ने इसे बहुत कठिन मुद्दा बताते हुए कहा कि यह अब भी अनसुलझा है, लेकिन समाधान के करीब पहुंचा जा चुका है।
ट्रम्प का दावा: आठ युद्ध रुकवाए, रूस-यूक्रेन संघर्ष सबसे मुश्किल
बैठक से पहले मार-ए-लागो के बाहर पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने अब तक आठ युद्ध खत्म करवाए हैं, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध सबसे मुश्किल है। उनके अनुसार, वार्ता अपने अंतिम दौर में है और आगे या तो युद्ध खत्म होगा या बहुत लंबे समय तक चलेगा, जिसमें लाखों लोग मारे जा सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध कब रुकेगा, इसकी कोई तय समय सीमा नहीं है और वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे। ट्रम्प ने जेलेंस्की को बहादुर व्यक्तित्व बताया और कहा कि यूक्रेन की जनता भी बहादुर है। जेलेंस्की ने इसके लिए ट्रम्प को धन्यवाद दिया।
ट्रम्प-पुतिन फोन वार्ता और भविष्य की बातचीत
ट्रम्प ने जेलेंस्की के साथ बैठक से ठीक पहले पुतिन से फोन पर दो घंटे से अधिक समय तक बातचीत की। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर उन्होंने लिखा कि यह बातचीत अच्छी और सार्थक रही। ट्रम्प के अनुसार, पुतिन ने यूक्रेन के पुनर्निर्माण में मदद करने और सस्ती ऊर्जा आपूर्ति का वादा किया। ट्रम्प ने कहा कि रूस यूक्रेन को सफल होते देखना चाहता है, जिसे उन्होंने थोड़ा अजीब बताया।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि वे जेलेंस्की से मुलाकात के बाद फिर पुतिन से बात करेंगे। हालांकि, चल रही बैठक में रूस सीधे शामिल नहीं है और युद्ध समझौते पर बातचीत केवल अमेरिका और यूक्रेन के बीच हो रही है। अमेरिका को उम्मीद है कि इससे शांति के लिए एक ढांचा तय हो सकेगा, जबकि जेलेंस्की चाहते हैं कि अमेरिका यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा आश्वासन दे, ताकि भविष्य में रूस दोबारा हमला न कर सके।
ट्रम्प की शांति योजना और 20-पॉइंट एजेंडा
यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। इस बैठक का उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए शांति का रास्ता तलाशना है। ट्रम्प ने पिछले महीने एक शांति योजना पेश की थी, जिस पर अब बातचीत आगे बढ़ रही है।
शुरुआत में इस योजना में 28 शर्तें थीं, लेकिन यूक्रेन ने इन्हें घटाकर 20 पॉइंट कर दिया है। अमेरिकी अधिकारी लगातार दोनों पक्षों से बात कर रहे हैं, ताकि बीच का रास्ता निकाला जा सके। इस साल जेलेंस्की की यह चौथी अमेरिकी यात्रा है। अमेरिका का दावा है कि ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और जेलेंस्की करीब 90% बातों पर राजी हैं। खुद जेलेंस्की ने भी माना कि वे काफी आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन पूरा समझौता अभी नहीं हुआ है।
डोनबास, जनमत संग्रह और न्यूक्लियर प्लांट पर सवाल
सबसे बड़ा लंबित मुद्दा जमीन को लेकर है। रूस चाहता है कि यूक्रेन अपना पूर्वी इलाका डोनबास छोड़ दे। जेलेंस्की ने कहा है कि अगर रूस पहले युद्ध रोकने पर तैयार होता है, तो वे इस मुद्दे पर यूक्रेन की जनता से राय लेंगे और जनमत संग्रह कराएंगे।
एक और अहम मुद्दा जापोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट है, जो वर्तमान में रूस के कब्जे में है। यूक्रेन का प्रस्ताव है कि इस प्लांट को अमेरिका और यूक्रेन मिलकर संचालित करें और इससे उत्पन्न बिजली दोनों देशों के बीच बांटी जाए। इस पर भी अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है।
रूस के हमले जारी, पुतिन की कड़ी चेतावनी
इसी बीच रूस की ओर से यूक्रेन पर हमले जारी हैं। यूक्रेनी सेना के अनुसार, एक ही रात में रूस ने सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलें दागीं। जेलेंस्की का कहना है कि रूस एक तरफ बातचीत की बात करता है और दूसरी ओर हमले जारी रखता है, जिससे उसकी मंशा पर सवाल उठते हैं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने सालाना ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रूस शांति के रास्ते से युद्ध खत्म करने को तैयार है, लेकिन इसके लिए यूक्रेन को नाटो में शामिल होने की जिद छोड़नी होगी, तभी शांति संभव है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ द्वारा रूसी संपत्तियों को जब्त करना चोरी नहीं, बल्कि डकैती जैसा कदम है।
निष्कर्ष: शांति के करीब होने के दावे, लेकिन कठिन मुद्दे बरकरार
ट्रम्प और जेलेंस्की की फ्लोरिडा बैठक के बाद युद्ध खत्म करने के लिए समझौते के करीब होने के संकेत मिले हैं, विशेष रूप से सुरक्षा गारंटी के मोर्चे पर। हालांकि डोनबास, क्षेत्रीय नियंत्रण, जापोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट और नाटो से जुड़े सवाल अब भी बड़े अवरोध बने हुए हैं। लगातार हमलों और परस्पर विरोधी संदेशों के बीच शांति प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन उसका अंतिम स्वरूप और समय सीमा अनिश्चित बनी हुई है।
Amit Pateria