उज्जैन में वीआईपी दौरों और दीपोत्सव के लिए सुरक्षा व्यवस्था सख्त
उज्जैन में 17 और 18 सितंबर को होने वाले वीआईपी दौरों और 25 लाख दीपों के दीपोत्सव को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। शहर के मुख्य रास्तों पर चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिए 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें से करीब 2 हजार पुलिसकर्मी जिले के होंगे और शेष बाहर से बुलाए गए हैं।
वीआईपी मूवमेंट और दीपोत्सव की तैयारियां
उज्जैन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे हैं। इसके साथ ही दीपोत्सव में बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे। इसे देखते हुए पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए मुख्य रास्तों और संवेदनशील जगहों पर चेकिंग पहले से ही शुरू कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा व्यवस्था की रिहर्सल भी चल रही है।
दीपोत्सव में करीब 25 लाख दीप जलाने का लक्ष्य है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और महिला स्वयंसेवक यहां मौजूद रहेंगे। इसे देखते हुए पूरे आयोजन क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टर में बांटा जाएगा। हर सेक्टर के लिए आने-जाने के रास्ते तय होंगे। पास के जरिए लोगों की आवाजाही को कंट्रोल किया जाएगा, ताकि भीड़ एक जगह जमा न हो।
ट्रैफिक और घाट सुरक्षा के विशेष इंतजाम
दीपोत्सव के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था के लिए करीब 450 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। शहर में आने वाले सभी मुख्य रास्तों पर पास की पार्किंग जगहें खोजी जा रही हैं। इन रास्तों से आने वाले वाहनों को पास की पार्किंग तक पहुंचाया जाएगा। इससे आयोजन क्षेत्र में गाड़ियों का दबाव कम होगा और जाम लगने से बचा जा सकेगा।
दीपोत्सव के दिन घाटों पर भी सुरक्षा के खास इंतजाम रहेंगे। यहां काफी संख्या में महिला पुलिसकर्मी तैनात की जाएंगी। पुलिस का ध्यान घाटों पर भीड़ कंट्रोल करने, महिलाओं की सुरक्षा और श्रद्धालुओं के आसानी से आने-जाने पर रहेगा।
Satyam Tripathi