मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर में एक लाख सरकारी नौकरियों की घोषणा की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर में दो कार्यक्रमों में शामिल हुए। पहले कार्यक्रम में उन्होंने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश पर बदनुमा दाग लगा था, हर जिले का एक दुर्दांत माफिया नेतृत्व करता था। उन्होंने दावा किया कि इंसेफ्लाइटिस भी माफिया और मच्छर की तरह खत्म हो गया है। आज प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था है। 75 जिले हैं लेकिन 85 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।
दूसरे कार्यक्रम में शाम चार बजे गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा निर्मित कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया। इसे बनाने में 3 करोड़ 9 लाख रुपए खर्च हुए हैं। ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर बने हॉल में 300 लोगों के बैठने की क्षमता है। शादी और अन्य आयोजनों के लिए सस्ते दामों पर बुकिंग कराई जा सकेगी।
चुनाव से पहले एक लाख नौकरियों का लक्ष्य
कल्याण मंडपम के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले छह महीने में विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले एक लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। यह काम 19 सितंबर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में हजारों शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हो चुका है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 से पहले नौकरी निकलती थी और सैफई सिंडिकेट वसूली के लिए निकल पड़ता था, किसी नौजवान को नौकरी नहीं मिलती थी, सौदेबाजी होती थी, कोर्ट में जाना पड़ता था। लूट-खसोट और अराजकता उनकी दिमागी खुराफात का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि अब तक साढ़े नौ लाख लोगों को नौकरी दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यूपी कर्फ्यू मुक्त है, दंगा मुक्त है। अपराधी या तो जेल में हैं या दूसरे लोक की यात्रा पर जा चुके हैं। अब खुलेआम किसी को धमकी नहीं दे सकते, अपराध नहीं कर सकते। हर व्यक्ति सुरक्षित है, हर व्यक्ति के लिए सुरक्षा की गारंटी है। उन्होंने रामगढ़ताल का जिक्र करते हुए कहा कि पहले गंदा था, आज देश और दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। पहले गंदगी थी, अपराध था, किसी को कोई सुविधा नहीं थी। आज सबको सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि वास्तव में ये गंदगी और बीमारी गोरखपुर की नहीं थी, बल्कि सपा-कांग्रेस सरकारों की गंदी मानसिकता का परिणाम थी।
Janmejay Chaturvedi