उत्तर भारत कड़ाके की ठंड से जकड़ा, केदारनाथ -14°C तो दक्षिण भारत में बारिश अलर्ट

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उत्तर भारत कड़ाके की ठंड से जकड़ा, केदारनाथ -14°C तो दक्षिण भारत में बारिश अलर्ट

उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी, केदारनाथ -14°C; दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट

दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित उत्तर भारत के बड़े हिस्से कड़ाके की सर्दी की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने कई इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति की पुष्टि की है और कई स्थानों पर तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे दर्ज किया जा रहा है।

पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी से बढ़ी ठंड

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में हाल ही में भारी बर्फबारी हुई है, जिससे पूरे उत्तर भारत में ठंड का असर और बढ़ गया है। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग (कश्मीर), लाहौल-स्पीति, किन्नौर, मनाली, शिमला, कुफरी (हिमाचल प्रदेश), तथा औली, केदारनाथ घाटी और चोपता (उत्तराखंड) जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है।

उच्च ऊंचाई वाले कई क्षेत्रों में तापमान -10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिसके कारण नदी-नाले जमने लगे हैं। केदारनाथ में तापमान -14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो इस समय की तीव्र शीतलहर को दर्शाता है।

हिमालयी क्षेत्रों में आगे भी बारिश और बर्फबारी की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश में 4 से 5 दिसंबर के आसपास फिर से बारिश और बर्फबारी की आशंका जताई गई है।

भारी बर्फबारी के कारण हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और किन्नौर घाटियों में कुछ प्रमुख राजमार्गों और स्थानीय सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है। पहाड़ी रास्तों पर फिसलन और बर्फ की मोटी परत के चलते लोगों की आवाजाही और परिवहन सेवाओं पर असर पड़ा है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में पारे में तेज गिरावट

मध्य प्रदेश में भी सर्दी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शनिवार को जबलपुर, ग्वालियर समेत 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। इंदौर, भोपाल, उज्जैन समेत कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई।

राजस्थान में बीते दो दिनों में हल्की बारिश के बावजूद ठंड और बढ़ गई है। शेखावाटी और बीकानेर संभाग में न्यूनतम तापमान के 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरने के आसार हैं, जो वहां शीतलहर की स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं।

दक्षिण भारत में चक्रवात ‘दितवाह’ से भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज अलग है, जहां चक्रवात ‘दितवाह’ का असर देखा जा रहा है। इस प्रणाली का प्रभाव मुख्य रूप से दक्षिण भारत तक सीमित है और उत्तरी राज्यों पर इसका सीधा असर नहीं पड़ रहा है।

चक्रवात उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों के समानांतर लगभग उत्तर दिशा में बढ़ रहा है और अनुमान है कि यह बुधवार सुबह तक और कमजोर हो जाएगा। कराईकल और चेन्नई स्थित डॉप्लर मौसम रडार से इस प्रणाली और बादलों की गतिविधि की लगातार निगरानी की जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर, चेन्नई, चेंगलपट्टू और रानीपेट जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, हालांकि इसका उत्तर भारत की शीतलहर पर कोई सीधा प्रभाव नहीं है।

निष्कर्ष: उत्तर में सर्दी, दक्षिण में बारिश से मौसम विषम

कुल मिलाकर, पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट से उत्तर भारत कड़ाके की ठंड का सामना कर रहा है, जबकि दक्षिण भारत चक्रवात जनित बारिश से प्रभावित है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में भी उत्तर के हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी राज्यों में ठंड का दौर जारी रह सकता है, वहीं दक्षिण के तटीय इलाकों को चक्रवात के कमजोर पड़ने तक बारिश से सावधान रहने की जरूरत होगी।

Sachin Saxena