पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज: असम में कांग्रेस सांसद का इस्तीफा, बंगाल में TMC कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
असम कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का इस्तीफा
असम के कांग्रेस से लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा राज्य में विधानसभा चुनावों से ठीक 20 दिन पहले आया है। राज्य मीडिया विभाग के अध्यक्ष बेदाब्रत बोरा ने पीटीआई को बताया कि बोरदोलोई ने अपना इस्तीफा पत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया है। राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री और नगांव निर्वाचन क्षेत्र से दो बार सांसद रहे बोरदोलोई के बेटे, 9 अप्रैल को होने वाले राज्य चुनावों के लिए मार्घेरिटा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। सांसद ने खड़गे को भेजे पत्र में कहा, "आज अत्यंत दुख के साथ, मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं।" असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि वह कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई के संपर्क में नहीं हैं, लेकिन भविष्य में उनसे संपर्क होने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल में TMC की उम्मीदवार सूची और प्रदर्शन
तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की कुल 294 सीटों में से 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया। बाकी 3 सीटें सहयोगी बीजीपीएम को दी हैं। ममता बनर्जी ने 74 मौजूदा विधायकों (करीब एक तिहाई) के टिकट काट दिए हैं और 15 विधायकों की सीटें बदली हैं। उधर, पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना में मौजूदा विधायक शौकत मोल्ला को कैनिंग पूर्व विधानसभा क्षेत्र से टिकट न दिए जाने के बाद उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया। TMC कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाए और नारेबाजी की। TMC ने सेलिब्रिटी चेहरों से दूरी बनाई है, जमीनी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर ज्यादा भरोसा जताया है। 2021 में 15 सेलिब्रिटी को टिकट दिया था, इस बार केवल 2 सेलिब्रिटीज को टिकट मिला है। सूची में 52 महिलाएं, अल्पसंख्यक समुदाय से 47 उम्मीदवार, 40 साल से कम उम्र के 42 उम्मीदवार और 95 SC/ST उम्मीदवार शामिल हैं।
खाड़ी युद्ध का केरल-तमिलनाडु चुनाव पर प्रभाव: प्रवासी भारतीय नया 'वोट फैक्टर'
खाड़ी देशों में करीब 90 लाख भारतीय हैं, जिनमें से 35 लाख से ज्यादा केवल केरल और तमिलनाडु से हैं। युद्ध क्षेत्र में उनकी सुरक्षा और रोजगार जाने का खतरा इन राज्यों के लाखों परिवारों को सीधे प्रभावित कर रहा है। इसे देखते हुए सभी पार्टियां अपनी रणनीति बदल रही हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने तमाम अमले को सक्रिय कर दिया है। दूसरी ओर तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक और केरल में वामपंथी दलों की सरकारों ने भी केंद्र पर हमले तेज कर दिए हैं। कांग्रेस प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और आर्थिक संकट को बड़ा मुद्दा बना रही है। इस सबके बीच, भाजपा दक्षिण के दुर्ग में सेंध लगाने के लिए विकास और नए नारों के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते बुधवार को केरल और तमिलनाडु में 16 हजार करोड़ रुपये की रेलवे सहित अनेक विकास योजनाओं का उदघाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से केरल में 35-40 और तमिलनाडु में 45-50 विधानसभा क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। केरल में भाजपा ने कोट्टायम जिले की दो महत्वपूर्ण ईसाई बहुल सीटों पर अनुभवी नेता पीसी जॉर्ज और उनके बेटे शोन जॉर्ज की पिता-पुत्र की जोड़ी को मैदान में उतारा है। तमिलनाडु में 15 मार्च से आचार संहिता लागू हो गई है और यहां दो दिनों में ही 23.28 करोड़ रुपये की नकदी और सामान जब्त किया गया है।
चुनाव आयोग की घोषणा और मतदाता सूची में संशोधन
चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया। पश्चिम बंगाल में दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) को वोटिंग होगी। तमिलनाडु में 23 अप्रैल, केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को सिंगल फेज में मतदान होगा। पांचों राज्यों का परिणाम 4 मई को आएगा। चुनाव आयोग ने बताया कि मतदाता सूची के विशेष संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दौरान तमिलनाडु में सबसे ज्यादा 74 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल में करीब 58 लाख, केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में 77 हजार लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
पांच राज्यों में मौजूदा राजनीतिक स्थिति
पश्चिम बंगाल:ममता बनर्जी लगातार तीन बार से मुख्यमंत्री हैं, और भाजपा उनके सामने मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में यदि टीएमसी जीतती है तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनकर ऐसा करने वाली देश की पहली महिला होंगी।
तमिलनाडु:आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच केंद्रित रही है। फिलहाल एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है।
केरल:देश का इकलौता राज्य है जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने सत्ता बदलने की परंपरा को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। भाजपा ने अभी तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीती है, हालांकि उसने पिछले लोकसभा चुनाव में त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी और दिसंबर 2025 में पहली बार तिरुवनंतपुरम नगर निगम का चुनाव जीता।
असम:राज्य में 10 साल से भाजपा की सरकार है और पार्टी तीसरे चुनाव की तैयारियों में जुटी है। भाजपा ने 126 सीटों में से 100+ सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। कांग्रेस ने भाजपा को रोकने के लिए 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है।
पुडुचेरी:2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और एन. रंगास्वामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब BJP सत्ता में सीधे तौर पर भागीदार बनी।
Lokendra Mishra