कांग्रेस का विधायकों पर एक्शन: ओडिशा में 3 निष्कासित, हरियाणा में अध्यक्ष ने छोड़ी पार्टी

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कांग्रेस का विधायकों पर एक्शन: ओडिशा में 3 निष्कासित, हरियाणा में अध्यक्ष ने छोड़ी पार्टी

कांग्रेस ने ओडिशा में 3 विधायक निकाले, हरियाणा में कार्यकारी अध्यक्ष ने छोड़ी पार्टी

कांग्रेस पार्टी ने राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग करने वाले अपने विधायकों पर सख्त कार्रवाई की है। ओडिशा में, पार्टी ने तीन विधायकों को निष्कासित कर दिया है, जबकि हरियाणा में पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया है और पांच अन्य विधायकों को नोटिस जारी करने की तैयारी है।

ओडिशा में तीन विधायकों पर कार्रवाई

ओडिशा में कांग्रेस ने रमेश जेना, दशरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इन तीनों विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में मतदान किया था। उनकी क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) के संयुक्त उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। पार्टी ने इन तीनों विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए स्पीकर को पत्र भी लिखा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने इस कदम को अनुशासनहीनता बताया है और संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई की मांग की है। ओडिशा में भाजपा ने तीन और बीजेडी ने एक सीट जीती।

हरियाणा में इस्तीफा और नोटिस

हरियाणा में कांग्रेस पार्टी पांच विधायकों को नोटिस देने की तैयारी कर रही है, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की। इस बीच, हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने पार्टी छोड़ दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी पत्नी और नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी भी पार्टी छोड़ सकती हैं। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों में से भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने जीत हासिल की। चुनाव में 90 विधायकों के वोट थे, जिनमें से कांग्रेस के 4 और भाजपा का 1 वोट रद्द हो गया।

राज्यसभा चुनाव और क्रॉस वोटिंग का प्रभाव

कुल मिलाकर, दोनों राज्यों में कांग्रेस के आठ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी को महत्वपूर्ण नुकसान उठाना पड़ा। 16 मार्च को 11 सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव में 9 सीटें एनडीए के खाते में गईं, जबकि कांग्रेस और बीजेडी को एक-एक सीट मिली। इससे पहले, 10 राज्यों की 37 सीटों में से 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे। कांग्रेस द्वारा की गई ये कार्रवाइयां पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने के प्रयास का हिस्सा हैं, विशेषकर आगामी चुनावों से पहले।

Sachin Saxena