प्रियंका बोलीं-सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश थी:रिजिजू ने कहा- ये महिलाओं को अधिकार न देकर जश्न मना रहे; देशभर में एनडीए का प्रदर्शन
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को कहा, ‘कल लोकसभा में जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण के जरिए सत्ता में बने रहने की साजिश कर रही थी।’
उन्होंने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया बिल गिर गया। सत्ता पक्ष हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकता।'
उधर किरेन रिजिजू ने कहा- हम देश की महिलाओं के लिए दुखी हैं। देश के संचालन करने में महिलाओं को हिस्सेदारी देने के लिए जो कदम उठाया गया वो पास नहीं हो सका।
यह पार्टी का फेल्योर नहीं है बल्कि देश की महिलाओं के नुकसान से जुड़ा है। कांग्रेस पार्टी के ऊपर महिला विरोधी काला धब्बा लग गया जो खत्म नहीं होने वाला है
शुक्रवार को लोकसभा में सरकार संविधान का 131वां संशोधन बिल लाई थी। सरकार इसे पास नहीं करा पाई। यह 54 वोट से गिर गया। इसके जरिए संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था।पूरी खबर पढ़ें…
प्रेस कॉन्फेंस की 4 बड़ी बातें, कहा- महिलाओं के जरिए सत्ता में बने रहने की साजिश
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लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न हो पाने के विरोध में आंध्र प्रदेश सीएम चंद्रबाबू नायडू ने निदावोलु में प्रदर्शन किया। इसमें टीडीपी, जन सेना और भाजपा दलों के नेताओं व कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न हो पाने पर दिल्ली में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर प्रदर्शन किया।
लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न हो पाने पर, BJP सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कांग्रेस और विपक्षी दल शुरू से ही महिला-विरोधी रहे हैं। 1996 में जब देवेगौड़ा ने यह विधेयक पेश किया था तो उन्होंने इसका विरोध किया था। जब वाजपेयी ने इसे पेश किया तो उन्होंने उसका भी विरोध किया।
असल में इसी विपक्ष के सदस्यों ने तो विधेयक को फाड़ भी दिया था। देश बदल चुका है। राष्ट्र की स्थिति और उसकी दिशा पूरी तरह बदल चुकी है। वे नहीं चाहते कि इस सदन में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो और न ही वे महिलाओं के सशक्तिकरण की इच्छा रखते हैं। आपकी असली मंशा अब बिल्कुल साफ हो चुकी है।
BJP नेता स्मृति ईरानी ने कहा, मुझे यह सुनकर हैरानी हुई कि आज कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहा गया कि वे महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हैं, जो 2023 में पास हुआ था और जिसमें परिसीमन का जिक्र है। लेकिन कांग्रेस के दोहरे रवैये को देखिए, वे यह भी कहते हैं कि उन्हें इस प्रक्रिया के लिए किए गए वादों और इंतजामों पर भरोसा नहीं है। कांग्रेस को देश की संवैधानिक व्यवस्थाओं पर, संसद पर और देश की महिलाओं पर कोई भरोसा नहीं है।
किरेन रिजिजू ने कहा- हम लोग दुखी है यह नुकसान पार्टियों को हुआ इससे दुखी नहीं है। बल्कि देश की महिलाओं के लिए दुखी हैं। देश के संचालन करने में महिलाओं को हिस्सेदारी देने के लिए जो कदम उठाया गया वो पास नहीं हो सका। यह पार्टी का फेल्योर नहीं है बल्कि देश की महिलाओं को नुकसान पहुंचाया गया है। कांग्रेस पार्टी के ऊपर महिला विरोधी काला धब्बा लग गया जो खत्म नहीं होने वाला है। यह पार्टी की असफलता नहीं है महिलाओं को अधिकार न देकर जश्न मनाना सही नहीं है। इससे बड़ी महिला विरोधी मानसिकता नहीं हो सकती।
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा- कल संसद में वे एक नया बिल लेकर आए थे लेकिन वे 2023 में ही 'महिला बिल' पास कर चुके थे। उस बिल के पीछे 'परिसीमन' छिपा हुआ था। इसका मकसद तमिलनाडु के प्रतिनिधित्व को कम करना था। कल हमने संसद भवन में उस बिल को हरा दिया।
सवाल:महिला आरक्षण के सहारे परिसीमन बिल लाया गया था। इस पर आपका क्या कहना है
जवाब:पूरा विपक्ष जानता है कि ये बिल महिला आरक्षण के लिए नहीं था। ये परिसीमन पर ही था।
सवाल:आपने कहा कि सरकार 543 सीटों पर आरक्षण दे दे। लेकिन उसमें ओबीसी आरक्षण नहीं है।
जवाब:उस बिल में भी उचित प्रावधान बनाया जा सकता है।
सवाल:सरकार कह रही है कि हम संसद से सड़क तक जाएंगे। कांग्रेस इससे कैसे निपटेगी।
जवाब:सरकार ने पहले ही सब प्लानिंग कर ली थी। ये भी उसी का हिस्सा है। कल हमने उन्हें संसद में हराया, अब बैठकर सोचेंगे कि आगे क्या करना है।
सवाल:महिला आरक्षण कानून लागू हो या न हो, क्या कांग्रेस अगले चुनावों में 33% महिला उम्मीदवार उतारेगी?
जवाब:हमारी उम्मीद है कि अगले चुनावों में 33% महिलाएं चुनाव लड़ेंगीं। हम कह रहे हैं कि दोबारा विधेयक लाइए, हम उसे पास करेंगे।
प्रियंका ने कहा- आज की महिलाओं की समस्याएं बढ़ रही हैं, संघर्ष बढ़ रहा है। बेवकूफ नहीं हैं महिलाएं। वो सब कुछ देख रही हैं। मीडियाबाजी, पीआर.. अब नहीं चलेगी। कुछ ठोस करना है तो आप 2023 में जो सर्व सहमति से जो विधेयक पारित हुआ था, सारे दलों ने उसका समर्थन किया था, उसे लाइए। उसमें अगर कुछ एकाध संशोधन करना है तो करिए उसे अभी लागू करिए।
महिलाओं को हक दीजिए। लेकिन उसको आप घुमाकर दूसरी चीजों से जोड़कर गुमराह करने की कोशिश मत कीजिए। हम सब तैयार हैं।
प्रियंका ने कहा- मेरे ख्याल से पूरी साजिश जो रची गई वह इसलिए कि हमें सत्ता में रहना है। वह अभी नहीं किया जाएगा परिसीमन 2029 तक नहीं हो पाएगा। वह महिलाओं के नाम पर किया जा रहा था। ताकि हमें स्वतंत्रता मिल जाए सत्ता में बने रहने की। उन्होंने सोचा पारित हो जाएगा तो जीत नहीं होता तो हम हर नेता को महिला विरोधी साबित करके महिलाओं के लिए मसीहा बन जाएंगे।
महिलाएं देख रही हैं। उन्नाव हाथरस, मणिपुर में देखा.. आप संसद में खड़े होकर कह रहे हैं कि आप उनके मसीहा बनना चाहते हैं। यह साफ है कि यह महिलाओं के लिए नहीं परिसीमन के लिए था। मैं खुश हूं कि विपक्ष ने उनका विरोध किया। ब्लैक डे उनके लिए है क्योंकि उन्हें धक्का लगा है कि यह हो कैसे गया।
प्रियंका ने कहा- कल जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। जो सरकार की साजिश थी, लोकतंत्र को कमजोर करने की उसे रोका गया। ये संविधान की देश की और विपक्ष की एकता की जीत थी। पीएम ने कई बार अपने भाषण में कहा कि अगर आप इससे सहमत नहीं होंगे तो आप यहां नही बैठ सकते है। हम चौंके थे कि इनकी मंशा क्या थी। किसी को एक दिन पहले तक नहीं मालूम था कि क्या होने वाला है। हम सोच रहे थे क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है। किसी को एक दिन पहले तक नहीं मालूम था कि क्या होने वाला है। हम सोच रहे थे क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दोनों सदनों के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद अपने कार्यालय में सांसदों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और अन्य सांसद उपस्थित थे।
सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, ये लोग समाज को बांटने वाले हैं। इन्होंने हमेशा समाज में फूट, अविश्वास और डर पैदा किया है और इसी हथियार के दम पर ये सत्ता में बने रहे हैं। अब लोग इनकी इस चाल को समझ चुके हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 'कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स' (CAIT) की तरफ से आयोजित किया गया था। लोकसभा में 'महिला आरक्षण विधेयक' के पारित न होने पर देशभर में भाजपा नेता प्रदर्शन करेंगे।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, कांग्रेस पार्टी और विपक्ष को देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। उन पर लगा यह काला धब्बा कभी नहीं मिटेगा। यह संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को सीटें देने वाला एक ऐतिहासिक विधेयक था। इसका विरोध करने का क्या कारण हो सकता है? यह देश के लिए एक काला दिन था।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, हमने भारत के संविधान की रक्षा का जश्न मनाया है। हमने परिसीमन लाने की उनकी साजिश को नाकाम कर दिया है। विपक्ष कह रहा है कि उन्हें पुराना महिला आरक्षण विधेयक वापस लाना चाहिए। जहां तक महिला आरक्षण विधेयक का सवाल है, हम हमेशा उनके साथ हैं, लेकिन जिस तरह से वे इसे लाए हैं, हम उसका समर्थन नहीं करेंगे।
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 10 मिनट चली। फिर दोनों सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
संसद के विशेष सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। लोकसभा स्पीकर ने बजट सत्र की कार्यवाही में हुए कामकाज की जानकारी दी।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, हमने 2023 का महिला आरक्षण अधिनियम पहले ही सर्वसम्मति से पास कर दिया था। अब सरकार को 2029 के चुनावों के लिए इस विधेयक को लागू करने के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे। महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का उनका एजेंडा कल फेल हो गया क्योंकि वे अपनी सुविधा के हिसाब से परिसीमन करना चाहते हैं।
संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के लोकसभा में पारित न हो पाने पर शिवसेना (UBT) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा, जब विधेयक के खारिज होने से पहले ही तख्तियां तैयार थीं, तो इससे यह साफ हो गया कि वे इसके लिए मानसिक रूप से तैयार थे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, हम महिलाओं के विरोधी नहीं हैं, और हम लंबे समय से महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। हमने 2023 के संशोधन का सर्वसम्मति से समर्थन किया और उसे पास किया। हालाँकि, उसकी आड़ में उन्होंने एक और संशोधन पेश किया, जिसमें उन्होंने परिसीमन का एक क्लॉज डाल दिया, जिससे महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन बिल एक साथ जुड़ गए। इन तीनों बिलों को एक साथ लाकर, वे सत्ता हासिल करना चाहते थे ताकि सदन में किसी भी आगे के परिसीमन कानून को साधारण बहुमत से पास किया जा सके और बदला जा सके।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, उन्हें (केंद्र सरकार को) महिलाओं से जुड़ा वह पुराना विधेयक सोमवार को ही तुरंत लाना चाहिए। जिसे सभी पार्टियों ने मिलकर पारित किया था। सोमवार को संसद सत्र बुलाएं, वह विधेयक पेश करें और फिर देखते हैं कि महिलाओं का विरोधी कौन है। हम सभी उस विधेयक के पक्ष में मतदान करेंगे और आपका समर्थन करेंगे।
लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया।पूरी खबर पढ़ें…
पीएम मोदी बोले- मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं
यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नहीं होगा। फिर अलग पहलू हो जाता है। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा देंगे। ले लो जी क्रेडिट। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।
प्रियंका बोलीं- महिलाएं बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को पहचान लेती
प्रियंका गांधी ने कहा, पीएम के खोखले आश्वासनों के बावजूद संसद में राज्यों की मौजूदगी बदल जाएगी। जिस तरह असम में उन्होंने मनचाही सीटों को काटा, नई सीमाएं बनाएं उसी तरह यह देश में करेंगे।
मौजूदा सरकार जनता की आंखों में धूल झोंक रही है। ये ओबीसी वर्ग का हक छीन रहे हैं, ताकि कुछ प्रदेशों की ताकत को कम किया जा सके। शाह जी हंस रहे हैं, पूरी प्लानिंग बना रखी है। चाणक्य आज जिंदा होते तो वो भी चौंक जाते।
Ravi Yadav