5 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, 4 मई को आएंगे नतीजे
भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इन चुनावों के साथ ही पांचों राज्यों/UT में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
राज्य-वार मतदान अनुसूची
चुनाव आयोग के मुख्य बिंदु और पारदर्शिता उपाय
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 17.4 करोड़ मतदाता और 824 विधानसभा सीटें हैं। उन्होंने पिछले 12 महीनों में चुनाव आयोग द्वारा पारदर्शिता लाने के लिए किए गए कई नए प्रयोगों पर प्रकाश डाला।
'SIR' प्रक्रिया और मोबाइल फोन नीति
पहला महत्वपूर्ण कदम 'SIR' (स्पेशल इनरोलमेंट रिविजन) प्रक्रिया था, जिसके तहत यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में न रहे। इस प्रक्रिया के तहत तमिलनाडु से सबसे ज्यादा 74 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए, इसके बाद पश्चिम बंगाल से लगभग 58 लाख, केरल से 8 लाख, असम से 2 लाख और पुडुचेरी से 77 हजार नाम हटाए गए। दूसरा महत्वपूर्ण नियम यह है कि मतदान केंद्र के बाहर मोबाइल फोन रखने की अनुमति होगी और वोट देने के बाद उन्हें वापस लिया जा सकेगा। इसके अलावा, एक मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे, और चुनाव से जुड़ी सभी जानकारी एक ऐप पर उपलब्ध होगी।
अनोखे मतदान केंद्र
ज्ञानेश कुमार ने असम और केरल में कुछ अनोखे मतदान केंद्रों का भी जिक्र किया। असम में, मतदान दल माजुली से नाव और सड़क मार्ग से 50-60 किलोमीटर की कठिन यात्रा तय कर, ब्रह्मपुत्र नदी पार कर, और अंत में ट्रैक्टर से दूरस्थ धनेखाना मतदान केंद्र पर 248 मतदाताओं तक पहुंचते हैं। केरल में, इडुक्की जिले के एक आदिवासी क्षेत्र में स्थित बूथ संख्या 34 एडामलकुड्डी में मतदान अधिकारी विशेष वाहन से 30 किलोमीटर की दुर्गम सड़कों से गुजरने के बाद 8 किलोमीटर पैदल चलकर 693 मतदाताओं तक पहुंचते हैं। चुनाव आयुक्त ने युवाओं और पहली बार वोट देने वाले लोगों से अपनी जिम्मेदारी निभाने और वोट करने की अपील की।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
चुनाव आयोग की घोषणा के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों से प्रतिक्रियाएं आईं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भाजपा और चुनाव आयोग के बीच "जुगलबंदी" का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने विश्वास जताया कि NDA चार राज्यों में सरकार बनाएगी और केरल में भी भाजपा की ताकत बढ़ रही है। BJD नेता प्रसन्ना आचार्य ने चुनाव आयुक्त से निष्पक्ष व्यवहार की उम्मीद जताई, क्योंकि संसद में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की हलचल चल रही है।
चुनाव से पहले की घोषणाएं
विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा से कुछ घंटे पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरोहितों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि बंगाल सरकार मार्च से अपने कर्मचारियों का बकाया DA चुकाएगी।
राज्यों की मौजूदा राजनीतिक स्थिति
इन पांच राज्यों में अक्सर भाषा, केंद्र की योजनाएं, विचारधारा और केंद्रीय एजेंसियों के जरिए नेताओं पर नियंत्रण जैसे मुद्दे चर्चा में रहे हैं।
पश्चिम बंगाल
पिछले 14 सालों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने भाजपा मुख्य चुनौती है। यदि टीएमसी 2026 के चुनाव जीतती है, तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी, जो उन्हें ऐसा करने वाली देश की पहली महिला बनाएगा।
तमिलनाडु
वर्तमान में एमके स्टालिन के नेतृत्व में DMK की सरकार है, जिसने 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता संभाली। राज्य की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच केंद्रित रही है।
केरल
यह देश का एकमात्र राज्य है जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने सत्ता बदलने की परंपरा को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी। भाजपा अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है।
असम
राज्य में 10 साल से भाजपा की सरकार है और पार्टी तीसरे चुनाव की तैयारियों में जुटी है। प्रधानमंत्री मोदी छह महीने में तीन बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। यहां भाजपा ने 126 सीटों में से 100+ सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।
पुडुचेरी
2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और एन. रंगास्वामी मुख्यमंत्री बने। इस बार कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है।
Janmejay Chaturvedi