UAE में भारतीय जहाज पर हमले के बीच ईरान ने इजराइल पर दागीं मिसाइलें

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UAE में भारतीय जहाज  पर हमले के बीच  ईरान ने इजराइल पर दागीं मिसाइलें

मिडिल ईस्ट में युद्ध के 16वें दिन: भारतीय जहाज सुरक्षित, ईरान-इजराइल के बीच तनाव बढ़ा

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का आज 16वां दिन है। इस क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच शनिवार को एक अहम घटनाक्रम सामने आया जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह ऑयल टर्मिनल पर हमला हुआ। इस दौरान भारतीय झंडे वाला जहाज 'जग लाड़की' वहां तेल भर रहा था। भारत सरकार ने पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय कर्मचारी सुरक्षित हैं और जहाज ने लगभग 80,800 मीट्रिक टन कच्चा तेल लोड कर लिया है, जिसके बाद वह सुरक्षित रूप से भारत की ओर रवाना हो गया है।

ईरान के हमले और दावे

युद्ध के इस चरण में ईरान ने इजराइल पर कई बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए हैं। रविवार को ईरान ने इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिससे उस इमारत को नुकसान पहुंचा जहां अमेरिकी राजनयिक काम करते हैं। ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजराइल के सैन्य और डिफेंस फैसिलिटी को निशाना बनाने का दावा किया है। इनमें 'सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल' जैसी रणनीतिक मिसाइलों का उपयोग किया गया। इसके अलावा, IRGC ने इराक के एरबिल स्थित अमेरिकी ठिकाने, कुवैत में अली अल-सलेम और अरिफजान बेस पर अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाले ठिकानों, और UAE के अल-धफरा एयरबेस को निशाना बनाने का भी दावा किया है। ईरान ने इजराइल की खास पुलिस यूनिट 'लहव 433' के मुख्यालय और 'गिलाट सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेंटर' पर ड्रोन से हमला करने का भी दावा किया है। हालांकि, ईरान ने नागरिक या रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने से इनकार किया है और आरोपों की जांच के लिए पड़ोसी देशों के साथ संयुक्त समिति बनाने की पेशकश की है। ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल उसके 'शाहेद-136' ड्रोन की कॉपी बनाकर "लूकस" नाम के ड्रोन से 'फाल्स-फ्लैग' हमले कर रहे हैं, ताकि ईरान को बदनाम किया जा सके।

इजराइल की जवाबी कार्रवाई और तैयारियां

इजराइल ने ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच इमरजेंसी सैन्य खर्च के लिए 2.6 अरब शेकेल (लगभग 826 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का बजट मंजूर किया है। यह राशि हथियारों की खरीद और 'एरो-2' व 'एरो-3' इंटरसेप्टर मिसाइलों की गंभीर कमी को पूरा करने के लिए है, जो लगातार मिसाइल हमलों के कारण पैदा हुई है। इजराइली स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक कुल 3,195 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 108 लोग पिछले 24 घंटों में भर्ती हुए हैं। दक्षिणी इजराइल में दागी गई कई मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणाली ने इंटरसेप्ट कर दिया है। लेबनान में इजराइली हवाई हमलों में 14 लोगों की मौत हुई है और 8 लाख 31 हजार से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। लेबनान ने इजराइल से सीधे बातचीत की इच्छा जताई है, जिसमें फ्रांस मध्यस्थता कर रहा है।

क्षेत्रीय प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने हाल ही में ईरान से आए 4 बैलिस्टिक मिसाइलों और 6 ड्रोन को रोका है, और 28 फरवरी से अब तक कुल 298 बैलिस्टिक मिसाइलें, 15 क्रूज मिसाइलें और 1,606 ड्रोन रोके गए हैं। UAE ने सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो फैलाने के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। सऊदी अरब ने भी अपनी राजधानी रियाद और देश के पूर्वी क्षेत्रों में 10 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर गिराने की जानकारी दी है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, पोप लियो ने मिडिल ईस्ट में तत्काल युद्ध रोकने और बातचीत शुरू करने की अपील की है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने ईरान के इजराइल पर हमलों की आलोचना की और इजराइल को "आक्रामक देश" कहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वे फिलहाल ईरान के साथ किसी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं क्योंकि शर्तें "अच्छी नहीं" हैं। ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित और खुला रखने के लिए कई देशों से अपने युद्धपोत भेजने का आह्वान किया है, हालांकि चीन, जापान, फ्रांस और ब्रिटेन ने इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं जताई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस पर ईरान को ऐसे ड्रोन देने का आरोप लगाया है जिनका इस्तेमाल मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के लिए किया गया है।

व्यापक असर और शांति के प्रयास

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण सामान्य जनजीवन पर भी व्यापक असर पड़ा है। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने दुबई और अन्य खाड़ी देशों के लिए अपनी उड़ान सेवाओं पर पाबंदियां लगाई हैं। सीबीएसई ने बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE में कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। फॉर्मूला-1 ने बहरीन और सऊदी अरब ग्रांड प्रीक्स को रद्द कर दिया है, जबकि मोटोजीपी कतर ग्रां प्री को स्थगित कर दिया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण ओमान में अपने सभी गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर युद्ध खत्म करने की ठोस गारंटी मिलती है तो ईरान अमेरिका-इजराइल से बातचीत को तैयार है। उनका कहना है कि किसी भी ऐसे प्रस्ताव का स्वागत किया जाएगा जिससे युद्ध खत्म हो सके। इस बीच, खाड़ी देशों ने ईरान से अपने इलाकों पर हमले बंद करने की मांग की है, क्योंकि इन हमलों से न केवल अमेरिकी सैन्य ठिकानों बल्कि ऊर्जा सुविधाओं और रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है।

L. N. Bhargava