6 करोड़ मृतकों के आधार कार्ड सक्रिय
देश में आधार कार्ड को लागू हुए 15 साल हो चुके हैं। इस दौरान 142 करोड़ से अधिक आधार कार्ड जारी किए गए हैं। लेकिन एक बड़ी समस्या सामने आई है कि करीब 6 करोड़ मृतकों के आधार कार्ड अभी भी सक्रिय हैं। इससे फर्जी खातों, बैंक फ्रॉड और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी का खतरा बढ़ता जा रहा है।
UIDAI का प्रयास
यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने इस समस्या को हल करने के लिए कई कदम उठाए हैं। UIDAI ने चार महीने पहले मृत्यु सूचना पोर्टल शुरू किया ताकि मृतक का आधार कार्ड ऑनलाइन निष्क्रिय कराया जा सके। हालांकि, अब तक केवल 3,000 लोगों ने जानकारी दर्ज की है और इनमें से सिर्फ 500 मामलों में आधार कार्ड निष्क्रिय किए गए हैं।
CEO का बयान
UIDAI के CEO भुवनेश कुमार ने बताया कि मृत्यु का पंजीकरण अभी भी कैजुअल है। उन्होंने कहा, 2016 से अब तक करीब 8 करोड़ आधार धारकों की मृत्यु का अनुमान है, लेकिन डेटा का मिलान और निष्क्रियता सुनिश्चित करने के लिए अभी भी काम जारी है। UIDAI ने दिसंबर तक 2 करोड़ आधार कार्ड निष्क्रिय करने का लक्ष्य रखा है।
सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी का खतरा
सक्रिय आधार कार्डों के कारण बैंकों और राशन सिस्टम में गड़बड़ी के संकेत भी मिले हैं। इसके अलावा, 100 साल से अधिक उम्र वाले 8.3 लाख आधार कार्डों की जांच की जा रही है। UIDAI का प्रयास है कि इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए।
इस समस्या पर काम जारी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि मृत्यु पंजीकरण और डेटा अपडेट के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
Faraz Khan