आगरा में UGC के नए नियमों के विरोध में बड़ा प्रदर्शन, यमुना एक्सप्रेस-वे जाम
शनिवार 19 सितंबर की देर शाम UGC मुक्ति मोर्चा के आह्वान पर प्रदर्शनकारी जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर मुड़ी चौराहे पर जुटने लगे। खंदौली थाने की पुलिस फोर्स और पीएसी ने चौराहे को घेरकर सारे रास्ते ब्लॉक कर दिए, जिसके बाद प्रदर्शनकारी खेतों और अन्य रास्तों से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गए। प्रदर्शनकारी देर रात तक मौके पर डटे रहे।
रविवार सुबह आंदोलनकारी ट्रैक्टरों के साथ जिला मुख्यालय तक पहुंचने की तैयारी करने लगे। उस्मानपुर में युवाओं ने ट्रैक्टरों पर तिरंगा लगाया। पुलिस ने नदाऊ के पास बीच सड़क पर जेसीबी लगाकर रोकने का प्रयास किया, मगर प्रदर्शनकारी खेतों से होते हुए आगे निकल गए। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग ट्रैक्टर लेकर पहुंचे थे।
दोपहर 12 बजे करीब 1500 युवक 200 ट्रैक्टरों के साथ आगरा-नोएडा यमुना एक्सप्रेस-वे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। वे कलेक्ट्रेट का घेराव करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस और पीएसी ने बुलडोजर, जेसीबी और क्रेन लगाकर रास्ता ब्लॉक कर दिया। इसके बावजूद युवक कलेक्ट्रेट जाने पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारी बुलडोजर पर चढ़कर आगे दौड़ने लगे, पुलिसवाले पीछे-पीछे दौड़े। 300 मीटर दूर यमुना एक्सप्रेस-वे के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी एक्सप्रेस-वे पर चढ़ गए और बीचोबीच खड़े होकर गाड़ियों को रोक दिया।
पुलिस अधिकारियों के काफी समझाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने एक्सप्रेस-वे खाली किया, लेकिन दूसरे रास्तों से कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ने लगे। पुलिस ने पीछा कर उन्हें रोका, कहीं-कहीं प्रदर्शनकारियों को लाठी फटकार कर खदेड़ा। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
पिछले 20 दिन में आगरा में UGC के विरोध में यह तीसरा बड़ा प्रदर्शन है। इससे दो दिन पहले भी सवर्ण समाज की ओर से एत्मादपुर से कलेक्ट्रेट तक ट्रैक्टर मार्च निकालने की बात कही गई थी। मोर्चा ने पहले ही 20 सितंबर को जिला मुख्यालय घेराव की चेतावनी दी थी। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।
Pushpendra Chaubey