मेरठ में सूर्यकिरण एयर शो ने 50 हजार दर्शकों को रोमांचित किया

· 1 min read
मेरठ में सूर्यकिरण एयर शो ने 50 हजार दर्शकों को रोमांचित किया

मेरठ में सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का दो दिवसीय एयर शो संपन्न

मेरठ के न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में रविवार को लगातार दूसरे दिन भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने एयर शो प्रस्तुत किया। 9 हॉक MK-132 विमानों ने गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से उड़ान भरी और करीब 30 मिनट तक हैरतअंगेज करतब दिखाए। विमानों ने जमीन से सिर्फ 100 फीट की ऊंचाई पर धुएं से दिल की आकृति बनाई और आसमान को तिरंगे से रंग दिया। एक-दूसरे से 5-10 मीटर से कम दूरी पर उड़ते हुए विमानों ने वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल फॉर्मेशन बनाए, कभी तेजी से जमीन की ओर आकर फिर ऊपर जाते तो कभी आमने-सामने से क्रॉस करते। इस दौरान लगभग 50 हजार दर्शकों ने तालियों, सीटियों और 'भारत माता की जय', 'जय हिंद' के नारों के साथ उत्साहवर्धन किया।

मुख्य अतिथि और स्थानीय पायलटों की भागीदारी

एयर शो में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सोमेंद्र तोमर और भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी उपस्थित रहे। मेरठ के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी परिवार सहित पहुंचे। सूर्यकिरण टीम में मेरठ के तीन स्क्वाड्रन लीडर शामिल थे: स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह ने विमान उड़ाए, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से शो का प्रबंधन संभाला। अमन गोयल 2015 में कमीशन हुए, 1,500 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव और 500 घंटे से अधिक प्रशिक्षण उड़ान अनुभव रखते हैं; राहुल सिंह 2013 में शामिल हुए, 10 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ 1,500 घंटे उड़ान और 500 घंटे प्रशिक्षण उड़ान अनुभव रखते हैं। दोनों प्रशिक्षित फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं। अमन गोयल छावनी स्थित सेंट मेरीज एकेडमी के पूर्व छात्र हैं।

केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि सूर्यकिरण टीम ने दुनिया भर में लगभग 800 स्थानों पर प्रदर्शन किया है और लगभग 30 वर्षों से यह अद्भुत नजारा प्रस्तुत कर रही है; यह साहस, पराक्रम, धैर्य और अनुशासन का प्रतीक है जो युवाओं को सेना और वायुसेना में शामिल होने की प्रेरणा देता है। सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि सूर्यकिरण टीम प्रतिस्पर्धा के माध्यम से एशिया की पहली टीम बनी और मेरठ में प्रदर्शन नौजवानों के लिए प्रेरणादायक रहा। मंत्री सोमेंद्र तोमर ने सेना को सम्मान का विषय बताते हुए युवाओं को भविष्य का निर्माता बताया।

व्यवस्था, भीड़ और यातायात चुनौतियां

प्रशासन ने स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालयों के 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों सहित NCC और NSS कैडेट्स को शो दिखाने की व्यवस्था की थी। मेरठ और आसपास से करीब 1.5 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना थी। कार्यक्रम स्थल मेरठ साउथ RRTS स्टेशन से लगभग 2.5 किमी और मोहिउद्दीनपुर रेलवे स्टेशन से 1.8 किमी दूर था। करीब 2 किमी लंबे जाम के कारण कई लोग ग्राउंड तक नहीं पहुंच पाए और रास्ते में रुककर ही शो देखा। तेज धूप से बचने के लिए लोग छाते लेकर आए थे। एविएशन कंपनियों और संस्थानों के छात्र भी बड़ी संख्या में पहुंचे। एक फ्लाइंग ट्रेनिंग की छात्रा ने कहा कि यह शो पायलट बनने के इच्छुक बच्चों के लिए प्रेरणादायक है। शो का अंतिम फॉर्मेशन तिरंगे की आकृति का था जिसे देखकर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।

राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अनुसार, 10 मई को शौर्य कौशिक ने मेरठ में एयर शो का सुझाव दिया, 13 मई को प्रस्ताव भेजा गया और 8 सितंबर को रक्षा मंत्रालय व वायुसेना प्रशिक्षण निदेशालय से अनुमति मिली, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कम समय में तैयारियां पूरी कीं।

Sachin Saxena