अग्निवीर ने सांवलिया सेठ को चढ़ाई चांदी की AK-47 राइफल

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अग्निवीर ने सांवलिया सेठ  को चढ़ाई चांदी की AK-47 राइफल

अग्निवीर ने सांवलिया सेठ को चढ़ाई चांदी की AK-47 राइफल

चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में एक अनोखी घटना देखने को मिली। उदयपुर जिले के मेनार गांव के निवासी और भारतीय सेना के अग्निवीर, अजय मेनारिया ने अपनी मन्नत पूरी होने पर 327 ग्राम चांदी से बनी AK-47 राइफल भेंट की।

अग्निवीर बनने की मन्नत मांगी थी

अजय मेनारिया ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2023 में अग्निवीर भर्ती परीक्षा दी थी। परीक्षा से पहले उन्होंने सांवलिया सेठ से प्रार्थना की थी कि अगर उनका चयन सेना में हो जाता है तो वे मंदिर में कोई खास भेंट चढ़ाएंगे। जुलाई 2023 में परीक्षा का परिणाम आया और उनका चयन हो गया। इसके बाद सितंबर 2023 में मेरिट लिस्ट जारी हुई और नवंबर 2023 में उनकी ट्रेनिंग शुरू हुई, जो जून 2024 में पूरी हुई।

सपने को साकार करने का सफर

अजय ने बताया कि बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सेना में जाने का सपना देखा था। उन्हें एडवेंचर और अनुशासन पसंद था, इसलिए अग्निवीर योजना के तहत भर्ती की तैयारी शुरू की। उन्होंने दिल से सांवलिया सेठ से प्रार्थना की थी और वचन दिया था कि चयन होने पर वे एक अनोखी भेंट लेकर आएंगे।

चांदी की अनोखी राइफल

अजय ने 327 ग्राम चांदी से बनी AK-47 राइफल को खासतौर पर डिजाइन करवाया। यह राइफल सुंदर और कलात्मक रूप से तैयार की गई है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद जब वे छुट्टी पर गांव लौटे, तो सबसे पहले सांवलिया सेठ के दरबार में धोक लगाने का फैसला किया। अपने परिवार और दोस्तों के साथ वे मंदिर पहुंचे और यह भेंट चढ़ाई।

मंदिर में अनोखी भेंटों की परंपरा

सांवलिया सेठ मंदिर में भक्त अपनी मन्नत पूरी होने पर विभिन्न प्रकार की अनोखी भेंट चढ़ाते हैं। इससे पहले भी एक बिजनेसमैन ने अपनी मन्नत पूरी होने पर चांदी से बनी फ्यूल मशीन भेंट की थी। ऐसी भेंटें मंदिर की परंपरा को और भी खास बनाती हैं।

अग्निवीर बनने का जज्बा

अजय ने बताया कि सेना में जाना उनका सपना था और अग्निवीर योजना ने उन्हें यह अवसर प्रदान किया। उनकी प्रेरणा और संकल्प ने उन्हें इस मकाम तक पहुंचाया। चांदी की AK-47 राइफल उनकी श्रद्धा और आभार का प्रतीक है, जिसे उन्होंने सांवलिया सेठ के चरणों में समर्पित किया।

यह घटना न केवल उनकी भक्ति को दर्शाती है, बल्कि उनके अनुशासन और देशभक्ति की भावना को भी प्रकट करती है।