अमेरिकी ऑपरेशन में जख्मी सिलिया फ्लोरेस, कोर्ट में पेशी; मादुरो दंपती ने बताए निर्दोष

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अमेरिकी ऑपरेशन में जख्मी सिलिया फ्लोरेस, कोर्ट में पेशी; मादुरो दंपती ने बताए निर्दोष

अमेरिकी हिरासत में जख्मी मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस, न्यूयॉर्क कोर्ट में पेश

अमेरिकी सेना के वेनेजुएला ऑपरेशन के दौरान अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गंभीर चोटें आई हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, 69 वर्षीय फ्लोरेस सोमवार को न्यूयॉर्क की एक अदालत में चेहरे पर दो पट्टियों के साथ पेश हुईं। एक पट्टी उनकी आंख के ऊपर और दूसरी माथे पर लगी थी, जबकि दाहिनी आंख के आसपास चोट का नीला निशान साफ दिख रहा था।

अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान लगीं चोटें, पसलियों में फ्रैक्चर

फ्लोरेस के वकील मार्क डोनेली ने अदालत को बताया कि फ्लोरेस को ये चोटें उस समय लगीं जब अमेरिकी सैनिकों ने उन्हें हिरासत में लिया। आरोप है कि सैनिक उन्हें बेडरूम से खींचकर बाहर ले गए, जिसके दौरान उन्हें आंख और सिर पर चोटें आईं। वकील ने यह भी कहा कि फ्लोरेस की पसलियों में फ्रैक्चर है और उन्हें चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता हो सकती है। उन्होंने कोर्ट से फ्लोरेस का पूरा एक्स-रे कराने की मांग की, ताकि हिरासत के दौरान उनकी सेहत की सही स्थिति का पता चल सके।

कोर्ट में मादुरो और फ्लोरेस ने खुद को निर्दोष बताया

सुनवाई के दौरान फ्लोरेस के साथ उनके पति और वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो भी कोर्ट में पेश हुए। मादुरो पर कोकीन तस्करी और हथियारों से जुड़े कई गंभीर आरोप लगे हैं। अदालत में मादुरो ने कहा कि वे निर्दोष हैं और उन पर लगाए गए किसी भी आरोप में वे दोषी नहीं हैं। उन्होंने खुद को एक शरीफ इंसान बताते हुए आरोपों को खारिज कर दिया।

सिलिया फ्लोरेस ने भी अदालत में दुभाषिए की मदद से स्पेनिश भाषा में यही बात दोहराई। उन्होंने अमेरिका में कोकीन भेजने की साजिश और हथियार व ड्रग्स से जुड़े अन्य आरोपों में खुद को निर्दोष बताया।

जज का इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश

सुनवाई की अध्यक्षता कर रहे जज एल्विन हेलरस्टीन ने सरकारी वकीलों को निर्देश दिया कि वे फ्लोरेस के वकील के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि फ्लोरेस को सभी जरूरी चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

इसी दौरान, मादुरो के वकील ने भी अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। दोनों पर लगे आरोप गंभीर हैं और अगर ये साबित हो जाते हैं, तो उन्हें उम्रकैद तक की सजा, और यहां तक कि मौत की सजा की संभावना भी बताई जा रही है।

अचानक कार्रवाई में सत्ता से हटाए जाने का दावा

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन्हीं आरोपों के आधार पर उन्होंने अचानक कार्रवाई करते हुए निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाया और उन्हें जबरन देश से बाहर निकाला। 63 वर्षीय मादुरो और 69 वर्षीय फ्लोरेस को 3 जनवरी को वेनेजुएला में अमेरिकी सेना ने हिरासत में लिया था। दोनों का कहना है कि यह कार्रवाई गैरकानूनी थी। उनकी अगली कोर्ट पेशी 17 मार्च को निर्धारित की गई है।

कोर्ट में थके और कमजोर नजर आए मादुरो दंपती

सुनवाई के दौरान फ्लोरेस को डिफेंस टेबल तक पहुंचने के लिए सहारे की जरूरत पड़ी। मादुरो खड़े होकर स्पेनिश में बोले, जिसका अनुवाद कोर्ट द्वारा नियुक्त अनुवादक ने किया। दोनों शारीरिक रूप से थके और कमजोर दिखाई दे रहे थे।

CNN की कानूनी विश्लेषक लॉरा कोट्स के अनुसार, मादुरो और फ्लोरेस को कुर्सी पर बैठने और उठने में भी परेशानी हो रही थी। मादुरो बार-बार अपनी पत्नी की ओर देखते रहे, जबकि फ्लोरेस अपेक्षाकृत ज्यादा शांत नजर आईं।

चाविस्मो आंदोलन की प्रमुख नेता हैं सिलिया फ्लोरेस

सिलिया फ्लोरेस ने कानून की पढ़ाई की है और अपराध से जुड़े मामलों में विशेषज्ञता हासिल की है। उनका राजनीतिक कद 1992 में उस समय बढ़ा जब उन्होंने सैन्य नेता ह्यूगो चावेज को कानूनी मदद देने वाली टीम का नेतृत्व किया। उस समय चावेज ने तत्कालीन राष्ट्रपति कार्लोस आंद्रेस पेरेज के खिलाफ तख्तापलट की कोशिश की थी।

बताया जाता है कि 1994 में चावेज की जेल से रिहाई में फ्लोरेस ने अहम भूमिका निभाई, जिसने आगे चलकर 1999 में चावेज के राष्ट्रपति बनने का रास्ता तैयार किया। इसके बाद फ्लोरेस ‘चाविस्मो’ आंदोलन की एक महत्वपूर्ण नेता बन गईं।

चाविस्मो: गरीबों के हक से तेल पर निर्भरता तक

चाविस्मो आंदोलन ह्यूगो चावेज के नाम पर आधारित है। यह आंदोलन गरीबों, मजदूरों और आम लोगों के अधिकारों पर जोर देता है और देश की संपत्ति, विशेष रूप से तेल से होने वाली कमाई, को जनता की भलाई के लिए इस्तेमाल करने की वकालत करता है।

शुरुआत में चाविस्मो के तहत तेल की आमदनी से शिक्षा, स्वास्थ्य और सब्सिडी पर बड़े पैमाने पर खर्च किया गया, जिससे गरीब वर्ग को लगा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। हालांकि, आगे चलकर यही मॉडल वेनेजुएला की आर्थिक कमजोरी का कारण भी बना।

निकोलस मादुरो से संबंध और राजनीतिक यात्रा

चाविस्मो आंदोलन के दौरान ही फ्लोरेस की मुलाकात निकोलस मादुरो से हुई। मादुरो, फ्लोरेस से छह साल छोटे हैं और दोनों को साथ रहते हुए 30 साल से अधिक हो चुके हैं। फ्लोरेस की पहली शादी से उनके तीन बच्चे हैं।

फ्लोरेस ने अपनी राजनीतिक पहचान मादुरो की पत्नी के रूप में पहचाने जाने से पहले ही बना ली थी। चाविस्मो में ‘फर्स्ट लेडी’ की जगह ‘फर्स्ट कॉम्बैटन्ट’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है और वे वेनेजुएला की ‘फर्स्ट कॉम्बैटन्ट’ कहलाईं।

1999 में ह्यूगो चावेज राष्ट्रपति बने, और 2000 में फ्लोरेस को उनके गृह राज्य कोहैदेस से नेशनल असेंबली का सदस्य चुना गया। 2005 में उन्हें दोबारा संसद सदस्य बनाया गया। 2006 में वे वेनेजुएला की संसद की अध्यक्ष बनीं और इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला थीं।

2009 में फ्लोरेस चावेज की यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी ऑफ वेनेजुएला की दूसरी उपाध्यक्ष बनीं। 2012 में चावेज ने उन्हें देश की अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया। 2013 में चावेज की मौत के बाद निकोलस मादुरो ने विपक्षी नेता एनरिके काप्रिलेस को हराकर राष्ट्रपति पद जीता। इसी साल जुलाई 2013 में मादुरो और फ्लोरेस ने औपचारिक रूप से शादी की, जबकि वे इससे पहले दो दशकों से अधिक समय से साथ रह रहे थे।

फर्स्ट कॉम्बैटन्ट बनने के बाद फ्लोरेस कुछ समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं और पर्दे के पीछे काम करती रहीं। 2017 में वे दोबारा सक्रिय राजनीति में लौटीं, जब उन्हें नया संविधान तैयार करने के लिए बनाई गई संविधान सभा की सदस्य चुना गया। 2021 में वे फिर से नेशनल असेंबली की सदस्य बनीं।

विवाद, भाई-भतीजावाद और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध

फ्लोरेस पर रिश्तेदारों को अहम पद देने के आरोप लगते रहे हैं, जिनके चलते उन पर भाई-भतीजावाद के आरोप भी लगे। मादुरो के बेहद करीबी दायरे का हिस्सा होने के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आलोचना और कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

2018 में अमेरिका और कनाडा ने फ्लोरेस पर प्रतिबंध लगाए। यह कदम उस समय उठाया गया जब ऑर्गनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स ने कहा कि मादुरो सरकार ने मानवता के खिलाफ अपराध किए हैं।

अखबार ‘द गार्जियन’ के अनुसार, फ्लोरेस पर यह आरोप भी लगाया गया कि उन्होंने 2007 में सैकड़ों हजार डॉलर की रिश्वत ली थी। दावा है कि इस रकम के बदले उन्होंने एक प्रमुख ड्रग तस्कर और वेनेजुएला के नेशनल एंटी-ड्रग ऑफिस के निदेशक के बीच मुलाकात कराने में भूमिका निभाई।

भतीजों पर ड्रग तस्करी के आरोप और सजा

फ्लोरेस के दो भतीजों को पहले अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। 2017 में उन्हें कोकीन तस्करी की साजिश के मामले में 18 साल की सजा सुनाई गई। 2022 में वे एक कैदी अदला-बदली के तहत रिहा किए गए, जब वेनेजुएला ने सात अमेरिकी नागरिकों को छोड़ा।

अमेरिका का दावा है कि रिकॉर्डिंग से यह साबित हुआ था कि फ्लोरेस के भतीजे मादुरो के राष्ट्रपति हैंगर से सैकड़ों किलो कोकीन अमेरिका भेजने की योजना बना रहे थे।

आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अनिश्चित भविष्य

अब निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस दोनों पर अमेरिकी अदालत में गंभीर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। वे खुद को निर्दोष बता रहे हैं, जबकि अमेरिकी पक्ष उनके खिलाफ ड्रग्स और हथियारों से जुड़े मामलों में कठोर कार्रवाई की तैयारी में है। अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी, जो इस मामले की दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है।

Gulzar Ahmad