वृंदावन केशव धाम में RSS की अहम बैठक, मोहन भागवत कर रहे अध्यक्षता

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वृंदावन केशव धाम में RSS की अहम बैठक, मोहन भागवत कर रहे अध्यक्षता

वृंदावन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक शुरू

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय केंद्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार सुबह वृंदावन स्थित केशव धाम में शुरू हुई। इस बैठक की अध्यक्षता सर संघ चालक मोहन भागवत कर रहे हैं, और यह बैठक 7 जनवरी तक चलेगी। इसके बाद दो दिन की एक और महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है।

मोहन भागवत ने किया बैठक का शुभारंभ

संघ प्रमुख मोहन भागवत रविवार सुबह ही वृंदावन पहुंच गए थे। सोमवार सुबह बैठक के पहले सत्र का शुभारंभ भी उन्होंने ही किया। इसके बाद सह सर कार्यवाह, संपर्क प्रमुख, प्रचार प्रमुख सहित संघ के करीब 50 प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी में औपचारिक रूप से बैठक की कार्यवाही शुरू की गई।

बैठक के संभावित मुद्दे और गोपनीयता

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया गया है कि बैठक में कौन-कौन से मुद्दों पर चर्चा हो रही है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार इस बैठक में सामाजिक समरसता, मोहल्ला स्तर पर हिंदू सम्मेलन के आयोजन, विभिन्न राज्यों से हो रहे पलायन को रोकने और पड़ोसी देश में हो रही हिंसा जैसे विषयों पर मंथन किया जा रहा है।

शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों की समीक्षा

यह बैठक संघ के लिए बेहद गोपनीय रखी गई है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि RSS की स्थापना के शताब्दी वर्ष के तहत चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा और भविष्य की रूपरेखा पर भी चर्चा की जा सकती है। बैठक में प्रतिदिन तीन सत्र निर्धारित हैं, जिनमें विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी

केशव धाम में चल रही इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ सह सर कार्यवाह कृष्ण गोपाल, मुकंद, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, अतुल लिमये और आलोक कुमार मौजूद हैं। इनके अलावा अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल और अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।

बैठक का निष्कर्ष और महत्व

वृंदावन में आयोजित यह अखिल भारतीय केंद्रीय कार्यकारिणी बैठक संघ के आगामी कार्यक्रमों, सामाजिक गतिविधियों और विभिन्न मुद्दों पर संगठन की रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक न होने के बावजूद, लंबे समय तक चलने वाली बहु-सत्रीय चर्चा से संगठन के भावी दिशा-निर्देशों के तय होने की संभावना जताई जा रही है।

Lokendra Mishra